दूसरे आपके बारे में क्या सोच रहे हैं, इस बात के बारे में सोचते हुआ आप अपना पूरा जीवन गुज़ार सकते हैं, लेकिन फायदा कुछ नहीं होगा। आप जहां है, वहीं के वहीं रह जाएंगे। इसलिए दूसरे क्या सोच रहे हैं, इस बात की चिंता से बाहर आने के लिए इन कुछ बातों को रखिए याद-

– जरूरी नहीं दो लोग जो भी बात कर रहे हैं, वे आपके बारे में है। समय-समय पर खुद को समझाते रहिए कि बाकी सब लोग, हर समय सिर्फ आपके बारे में ही बात नहीं कर रहे हैं। हर वक्त दूसरों को शक की नज़र से देखने छोड़ दीजिए। खुद को परेशान करने से ज्यादा यह और कुछ नहीं है।

– दूसरे आपके बारे में क्यो सोच रहे हैं, इस बारे में सोचते रहने से आप खुद को आगे बढ़ने से रोकते हैं। क्योंकि जिंदगी में आप जो कुछ बनेंगे, वे अपनी सोच के कारण होंगे। दूसरों की सोच के कारण नहीं।

–  इस बात को जानने का प्रयास कभी मत करिए कि दूसरे क्या सोच रहे हैं या किस बारे में बात कर रहे हैं। इन बातों का जीवन में कोई महत्व नहीं है। ही इनसे जीवन में कोई बदलाव आएगा।
–  फोकस इस बात पर रखिए कि किन चीज़ों से बदलाव आता है? क्या बातें जरूरी हैं।

-जहां तक आपकी सोच जाती है, वहां तक सोचना छोड़ दीजिए। आज में रहिए। आज का सोचिए।

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