जिंदगी पर कविता | Hindi Me Kavita on Life
अपने शब्दों की शब्दावलीबनाने लगी तो अभाव हो गया पृष्ठों का,अपनी खुशियों को संभालने लगी तो हृदय भवन कमपड़ गया.अपनी आशाओं के पंख फैलाये जाने पर,विशद गगन कम पड़ गया.अपने…
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अपने शब्दों की शब्दावलीबनाने लगी तो अभाव हो गया पृष्ठों का,अपनी खुशियों को संभालने लगी तो हृदय भवन कमपड़ गया.अपनी आशाओं के पंख फैलाये जाने पर,विशद गगन कम पड़ गया.अपने…
सब कुछ पा लिया,अपना लिया, पर अपनाया न गया अपनत्व इतनी खुशियां किसी को न मिली होंगी कदाचित, इतना विलक्षण न होगा किसी का व्यक्तित्व. जो चाहा वो मिला,सदैव अपने…
जिंदगी पर कविता | Hindi Me Kavita on Life परिवर्तनऔर कुछ नहीं मै समय बिताने को पुस्तकें पलटती रही,हृदय के दर्पण पर बरसों धूल यूँ ही जमती रही.कब इतनी निष्ठुर…
जिंदगी पर कविता | Hindi Me Kavita on Life मौन होने के उपरान्त भी कितने स्वर गूंजते रहे, उच्चारित होने के बाद भी कितने शब्द मौन होकर ऊंघते रहे. कहीं…