जिंदगी पर कविता | Hindi Me Kavita on Life डगमगाते क़दमों को संभालते संभालते, निकल पड़ी मंज़िल पाने. उलझी उलझी…
अपने शब्दों की शब्दावलीबनाने लगी तो अभाव हो गया पृष्ठों का,अपनी खुशियों को संभालने लगी तो हृदय भवन कमपड़ गया.अपनी…
सब कुछ पा लिया,अपना लिया, पर अपनाया न गया अपनत्व इतनी खुशियां किसी को न मिली होंगी कदाचित, इतना विलक्षण…
जिंदगी पर कविता | Hindi Me Kavita on Life परिवर्तनऔर कुछ नहीं मै समय बिताने को पुस्तकें पलटती रही,हृदय के…
जिंदगी पर कविता | Hindi Me Kavita on Life मौन होने के उपरान्त भी कितने स्वर गूंजते रहे, उच्चारित होने…
जिंदगी पर कविता | Hindi Me Kavita on Life कोई आता है, द्वार खटखटाता है, भीतर आता है, स्नेह दर्शाता…