अपने शब्दों की शब्दावलीबनाने लगी तो अभाव हो गया पृष्ठों का,अपनी खुशियों को संभालने लगी तो हृदय भवन कमपड़ गया.अपनी…
सब कुछ पा लिया,अपना लिया, पर अपनाया न गया अपनत्व इतनी खुशियां किसी को न मिली होंगी कदाचित, इतना विलक्षण…
जिंदगी पर कविता | Hindi Me Kavita on Life परिवर्तनऔर कुछ नहीं मै समय बिताने को पुस्तकें पलटती रही,हृदय के…
जिंदगी पर कविता | Hindi Me Kavita on Life मौन होने के उपरान्त भी कितने स्वर गूंजते रहे, उच्चारित होने…