यह डाइट लें तो आपकी सेहत रहेगी बेहतरीन

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वीगन्स डाइट में ये सब—-
वीगन डाइट में फल-सब्जियां, अनाज, बीन्स, फलीदार चीज़ें शामिल हैं।

लाइफस्टाइल से ही बाहर–
सख्त वीगन्स एनिमल प्रोडक्ट्स को अपने लाइफस्टाइल से ही बाहर कर देते हैं। जैसे कपड़ों, कॉस्मेटिक, जूते-चप्पल में भी एनिमल प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल नहीं करते हैं। लैदर, फर, सिल्क, वूल भी नहीं पहनते।

वीगन सोसायटीज़ —
दुनिया भर में कई वीगन सोसायटीज़ हैं। जानवरों या पर्यावरण को हो रहे नुकसान को रोकने के लिए इनका गठन किया गया था। इनका काम लोगों का रुझान वीगन डाइट की ओर ले जाना और यह बताना है कि वीगन डाइट लेने से पर्यावरण जानवरों को कितना फायदा होगा। चूंकि सभी दवाएं जानवरों पर टेस्ट की जाती हैं, इसलिए वीगन सोसायटी दवा लेने से नहीं रोकती है।

इस तरह आसान होगा वीगन डाइट को अपनाना—
शाकाहारी लोगों के लिए वीगन डाइट को फॉलो करना ज्यादा आसान होता है, लेकिन मांसाहारी लोग पहले शाकाहारी बनते हैं। कुछ वक्त तक शाकाहारी खाते हैं और फिर धीरे-धीरे अंडे, शहद और दूध से बनी सभी चीज़ों को भी अपनी डाइट से बाहर निकाल देते हैं। प्लांट-बेस्ड डाइट ही लेते हैं।

इन दिनों लोग वेजीटेरियन या नॉन-वेजीटेरियन नहीं, लेकिन वीगन बन रहे हैं, इसलिए दुनियाभर में वीगन डाइट तेज़ी से प्रचलित हो रही है। अक्टूबर-2014 में पेटा में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार अमेरिका में २.५ फीसदी लोग वीगन डाइट ले रहे हैं, लेकिन वीगन्स होते कौन हैं? इनकी डाइट में क्या शामिल होता है? कौन-सी चीज़ें ये बिल्कुल नहीं खाते हैं? जानिए वीगन्स के बारे में-
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इसलिए बढ़ रहे हैं वीगन्स —
ज्यादातर लोग अपनी पसंद या सेहत को ध्यान में रखकर वीगन डाइट खाते हैं। कुछ स्टडीज़ के अनुसार एनिमल फैट या प्रोटीन से कैंसर, डायबिटीज़, हाइपरटेंशन या हार्ट डिसीज़ की आशंका बढ़ जाती है। अक्टूबर-2012 में फूड टेक्नोलॉजी में प्रकाशित एक आर्टिकल के अनुसार प्लांट-बेस्ड डाइट खाने से जेनेटिक समस्याएं जैसे टाइप-२ डायबिटीज़, कैंसर और कार्डियोवेस्कुलर बीमारियों का खतरा कम होने लगता है। अनाज, फल, सब्जियों में कोलेस्ट्रॉल या सैचुरेटेड फैट्स की मात्रा कम होती है। एनिमल राइट्स या पर्यावरण सुरक्षा से जुड़े लोगों का रुझान भी वीगन डाइट की तरफ ज्यादा होता है।

प्रोटीन के लिए ये खा सकते हैं वीगन्स…
वीगन
वीगन एक किस्म की वेजीटेरियन डाइट ही है, लेकिन इस डाइट को खाने वाले मीट या अंडे से ही नहीं, बल्कि दूध से बनी सभी चीज़ों और हर प्रकार के एनिमल इंग्रेडियंट से दूर रहते हैं। ये लोग एनिमल प्रोडक्ट्स से प्रोसेस्ड फूड का प्रयोग भी
नहीं करते हैं। सिर्फ फल-सब्जियां खाते हैं।

नाॅन-वेजीटेरियन
विदेशोंमें यह डाइट काफी पॉपुलर है। इस डाइट को लेने वाले मांसाहारी खाने पर ज्यादा निर्भर होते हैं, साथ ही ये लोग शाकाहारी पकवान, फल-सब्जियां, अंडे, डेरी प्रोडक्ट्स आदि सबकुछ खा सकते हैं यानी इन्हें दुनिया में हर चीज़ खाने की पूरी आजादी है।

एगीटेरियन
जो लोग वेजीटेरियन यानी शाकाहारी पकवान खाते हैं, लेकिन अंडे भी खाते हैं उन्हें एगीटेरियन कहा जाता है, लेकिन इस डाइट को खाने वाले लोग मांसहारी यानी मीट, चिकन, फिश आदि का सेवन बिल्कुल भी नहीं करते हैं। इनकी डाइट में डेरी प्रोडक्ट्स आदि शामिल होते हैं।

वेजीटेरियन
हमारे देश में वेजीटेरियन डाइट सबसे पॉपुलर है। इस डाइट को खाने वाले लोग मांसाहारी डाइट और यहां तक की अंडे से भी दूर रहते हैं। ये लोग सब तरह के फल-सब्जियां और डेरी प्रोडक्ट्स जैसे-दूध, घी, बटर आदि पर निर्भर होते हैं यानी इनकी डाइट प्लांट-बेस्ड ज्यादा होती है।
ये भी खा सकते हैं: ग्रीनपीज़, हेम्प, शिआ सीड्स, सीसम, पॉपी सीड्स, कोको पाउडर (अनस्वीटन्ड), लेन्टिल्स, पिन्टो बीन्स, स्पेगिठी, आलमंड्स, पालक, ब्रोकली, होल-व्हीट ब्रेड आदि।

नट्स एंड सीड्स
प्रोटीनके अलावा इनमें ओमेगा-३ फैटी एसिड की मात्रा ज्यादा होती है। पाइन नट्स, वॉलनट, पंपकिन सीड्स, फ्लैकसीड, सनफ्लावर सीड्स खाएं। पीनट बटर भी फायदेमंद रहेगा।

ग्रेन्स (अनाज)
होलग्रेन्स में प्रोटीन और काॅम्प्लैक्स कार्बोहाइड्रेट अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। यह फाइबर का भी अच्छा स्त्रोत है। इन्हें खाने से शरीर को ९ महत्वपूर्ण एमिनो एसिड मिलते हैं। इसमें ओट्स, बार्ले, ब्राउन राइस, कॉर्न आदि शामिल हैं।

प्रोटीन पाउडर
मार्केट में कई तरह के प्रोटीन पाउडर उपलब्ध हैं। जैसे सोया या व्हे प्रोटीन पाउडर। कोई भी पाउडर खाने से पहले ब्रैंड के सिलसिले में डॉक्टर से सलाह जरूर लें। कुछ प्रोटीन पाउडर आपके शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

सोया प्रोडक्ट
इनमें प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होती है। प्रोटीन सप्लीमेंट की तरह भी इनका इस्तेमाल कर सकते हैं। सोया प्रोडक्ट में टोफू, सोया मिल्क और सोया योगर्ट शामिल हैं। डेरी प्रोडक्ट्स की जगह इनका सेवन कर सकते हैं। तीन आउंस टोफू में १४ ग्राम और सिल्कन टोफू के तीन आउंस मंे ४.१ ग्राम प्रोटीन होता है।

बीन्स (फलियां)

बीन्स में प्रोटीन की मात्रा सबसे ज्यादा पाई जाती है। खास कर किडनी बीन्स, लिमा बीन्स, फावा बीन्स, चिकपीज़ और ब्लैक-आइड पीज़ में। बीन्स से कई तरह के पकवान बनाएं जा सकते हैं। इन्हें सलाद या सूप में डाल सकते हैं। दूसरी सब्जियों के साथ भी बनाया जा सकता है।
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वीगन्स के बारे में ये कहा जानी-मानी हस्तियों ने-
-मैं कभी अपने शरीर को कब्रिस्तान नहीं बनाना चाहता था। -जॉर्ज बर्नार्ड शॉ

-जब मुझे पता लगा कि जानवरों पर कितना अत्याचार हो रहा है, इसी से वीगन बनने की ताकत मिली। -ब्रायन एडम्स

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