शादी में देरी की वजह – सही या गलत ?

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1. फाइनेंशियल स्टेबिलिटी की चाहत
ऐसा नहीं कि एक पीढ़ी पहले युवाओं को शादी के बाद अपनी नई जिम्मेदारियों का एहसास नहीं था। मगर आज के युवाओं के सामने जिम्मेदारी के अहसास के साथ कॅरिअर का कॉम्पिटिशन भी चुनौती है। आज एक अच्छी लाइफस्टाइल, घर और गाड़ी हासिल करना जितना महंगा है। यही वजह है कि अधिकांश युवा शादी से पहले फाइनेंशियल स्टेबिलिटी हासिल कर लेना चाहते हैं।
2. हायर एजुकेशन पर फोकस
पहले के जमाने में ग्रेजुएशन के बाद ही रिश्ता पक्का हो जाता था। मगर आज की पीढ़ी के लिए यह क्वालिफिकेशन कम है। खासकर लड़कियों के मन में यह विचार आ जाने से शादी की उम्र में बढ़ोतरी होने लगी है। वैसे मेट्रोपोलिटन संस्कृति के प्रसार से ऐसे लड़कों की तादाद भी बढ़ती जा रही है जो चाहते हैं कि उनकी पत्नी पढ़ी-लिखी और नौकरीपेशा हो।
3. समझने के लिए वक्त
आजकल केवल लव मैरेज ही नहीं, अरेंज मैरेज करने वाले लड़के-लड़कियां भी चाहते हैं कि वे शादी से पहले अपने भावी जीवनसाथी को अच्छे से समझ सकें। यही वजह है कि अब शादी से करीब 6-8 महीने पहले सगाई करने का भी प्रचलन बढ़ा है। वहीं, लव मैरेज करने वाले काफी दिनों तक डेट करते हैं। एक-दूसरे को जानने-समझने के बाद ही शादी का प्रस्ताव रखते हैं।
4. परफेक्ट मैच का इंतजार
आज लड़के जहां पढ़ी-लिखी और नौकरीपेशा लड़कियों को जीवनसाथी बनाना चाहते हैं, वहीं लड़कियां ऐसे पति की तलाश करती हैं, जो न सिर्फ दफ्तर के काम करें, बल्कि घर के काम में भी हाथ बटाएं। इसके अलावा दोनों के विचार एक-दूसरे से मेल खाते हों और वो रोमांटिक भी हो। कई बार इस परफेक्ट मैच के चक्कर में उनकी शादी लेट होती है।

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