रिटेल कीओस्क लगाएं ज्यादा मुनाफा कमाएं

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लगभग 20 वर्ष पूर्व रिटेल किओस्क एक अपरिचित नाम था। जो आज के रिटेल कांति का महत्वपूर्ण पहलू बन गया है और रिटेल रियल एस्टेट लेंडस्केप के प्लान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। 90 के दशक में इसे मजबूत जनधारणा मिली व यह एक प्रमुख रेवन्यू मॉडल बना। मॉल के कॉमन एरिया के अन्डर यूटिलाइज्ड फ्लोर स्पेस को रेवन्यू मॉडल में तब्दील कर दिया गया। एयरपोर्ट कोरिडोर में दैनिक यात्रियों के आगामन और मॉल्स में नकदी लिये हुए इम्पल्स बायर्स को आकर्षित करने के लिए इन्हें बेहद रचनात्मक तरीके से डिजाइन किया जाता है। मॉल किओस्क मॉल कार्ट से बिल्कुल अलग है। पिछले लगभग 15 वर्षों से रिटेल का कांसेप्ट बिल्कुल अलग हुआ है। लेकिन रिटेल किओस्क लगभग वैसा ही रहा है। इसके कांसेप्ट में किसी प्रकार का बदलाव नहीं आया है। लेकिन लोगों के रहन-सहन रुचियों में बदलाव तथा अधिक रोजगार सम्भावनाओं के कारण इसकी कार्यप्रणाली में बेहद बदलाव आए हैं। इसमें टैक्नॉलाजी का भी बहुत महत्वपूर्ण योगदान हैै। शुरुआती दौर में (1990 के दशक में) केवल सेलफोन किओस्क ही प्रचलन में थे। ये चारों तरफ से रंग किये होते थे और इसके पश्चात इनमें रंगों, डिजाइंस और शेप्स में अभुतपूर्व इनोवेंशंस हुए और अब ये किओस्क आइस्कीम से लेकर ज्वैलरी से लेकर मसाज से लेकर रियल एस्टेट तक के बनाये जाते है। एयरपोर्ट, थीमपार्क, लाइफस्टाइल सेंटर, ट्रांसपोर्टेशन हब आदि में किओस्क व कार्ट्ïसके द्वारा जबरदस्त बिक्री की जाती है। रिटेल इण्डस्ट्रीज में किओस्क व पार्ट रिटेलिंग प्रोग्राम्स को स्पेश्यिेलिटी प्रोग्राम और रिटेल्र्स को स्पेश्यिेलिटी को रिटेल्स कहा जाता है। लोकेशन और ग्राहकों के आवागमन को लेकर इन किओस्क व कार्र्ट्ïस के अलग -अलग किराये होते है और यह अवकाश व त्यौहारों के दिनों में अलग से भी हो सकते हैैं।
यह रिटेलर को प्रमुख सीजन में गेटइन एण्ड गेटआउट का ऑप्शन देते है और ज्यादा फुट ट्रेफिक के कारण ज्यादा टर्न ऑवर भी कर पाने में सफल होते है। कुछ जगह पर शॉपिंग वेन्यू के द्वारा इसे एक निश्चित रकम के टर्न ऑवर से ज्यादा सेल्स करने पर प्रतिशत के रुप में किराया वसूल किया जाता है। आज कल एंटरप्रेन्अर्स (रिटेल बिजनेस) के द्वारा किसी जगह कि लोकप्रियता व मार्केट साइज तथा लोगों की पसंद को आंकने के लिए भी किओस्क या कार्र्ट्स किराये पर लिये जाते है तथा यदि रेस्पांस सकारात्मक रहता है तो मॉल पर स्थाई स्टोर खोलने की योजना बना लेते है। खास तौर से अमेरिका में कई ऐसे उदाहरण सामने आये है जहां एंटरप्रेन्अर्स द्वारा एक छोटे किओस्क से शुरुआत की गई व बिजनेस मॉडल को मल्टीमिलीयन डॉलर में तबदील किया। कुछ बिजनेस ऑनर्स ने किओस्क व कार्ट्ïस के द्वारा अपना स्थान उसी संबंधित क्षेत्र में मजबूत किया और देश के व्यस्ततम रिटेल वेन्यूज के भारी फुट ट्रेफिक के क्षेत्रों में कम्पनी की ब्रेंडिंग को भी व्यवस्थित किया।

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