Provident Fund Investment Process | प्रोविडेंट फण्ड इन्वेस्टमेंट टिप्स

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प्रॉविडेंट फंड में नौकरी के दौरान रिटायरमेंट के लिए कुछ पैसा कटता है। आमतौर पर बेसिक का 12 फीसदी हिस्सा पीएफ  में कटता है। जितना हिस्सा कर्मचारी का उतना ही हिस्सा एम्पलॉयर भी देता है। साल 2017-2018 के लिए सालाना 8.65 फीसदी दर से ब्याज मिलता है।

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एंप्लॉइ पेंशन स्कीम के तहत रिटायरमेंट के लिए सेविंग का एक अलग विकल्प है। एंप्लॉयर के ईपीएफ के 12 फीसदी हिस्से में से 8.33 फीसदी हिस्सा ईपीएस में जाता है। बेसिक सैलेरी 15,000 रुपये प्रति माह से ज्यादा होने पर ईपीएस हिस्सा 8.33 फीसदी पर सीमित है। बाकी हिस्सा ईपीएस में निवेश होता है।
वॉलेटरी प्रोविडेंट फंड में पीएफ के तहत कवर हो रहे लोगों के लिए होता है। अपनी इच्छा के मुताबिक पीएप में निवेश बढ़ा सकते हैं। पीएफ के मुताबिक ही ब्याज में मिलता है। वॉलेटरी प्रोविडेंट फंड में एंप्लॉयर 12 फीसदी से ज्यादा देने के लिए बाध्य नहीं है।

बता दें कि अब आपकी पीएफ की रकम ईटीएफ और रुपए में दिखेगी। ईटीएफ  यानि एक्सचेंज ट्रेडेड फंड। आपको बता दें कि पीएफ खाते का पैसा ईपीएफओ  ईटीएफ के जरिए बाजार में लगाता है। ईपीएफओ अपने कुल जमा की 15 फीसदी रकम ईटीएफ में लगाता था। अब आपको अपने पीएफ खाते में 4 फीसदी रकम ईटीएफ यूनिट के तौर पर दिखेगी। बाकी रकम कैश के तौर पर पीएफ खाते में दिखेगी। ये पूरा पेंच क्या है, इससे आप पर पड़ेगा कितना असर ….

अब आपकी पीएफ की रकम ईटीफ और रुपये में दिखेगी । ईपीएफओ के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की बैठक में फैसला हुआ है कि फिलहाल 4 फीसदी रकम ईटीफ यूनिट के तौर पर दिखेगी। बाकी रकम रकम कैश के तौर पर पीएफ खाते में दिखेगी। लेकिन भविष्य में ईटीएफ यूनिट का प्रतिशत बढ़ सकता है।

ईपीएफओ फिलहाल आपके फंड का 15 फीसदी ईटीएफ के जरिए शेयर बाजार में निवेश करता है। यही नहीं ईपीएफओ ने अब निजी क्षेत्र के डबल ए प्लस बॉन्ड्स में भी निवेश का फैसला किया है। इसके पहले वो ट्रिपल ए रेटिंग वाले बॉन्ड्स में ही निवेश करता था।

अब आपकी पीएफ की रकम ईटीएफ और रुपए में दिखेगी। ईटीएफ  यानि एक्सचेंज ट्रेडेड फंड। आपको बता दें कि पीएफ खाते का पैसा ईपीएफओ  ईटीएफ के जरिए बाजार में लगाता है। ईपीएफओ अपने कुल जमा की 15 फीसदी रकम ईटीएफ में लगाता था। अब आपको अपने पीएफ खाते में 4 फीसदी रकम ईटीएफ यूनिट के तौर पर दिखेगी। बाकी रकम कैश के तौर पर पीएफ खाते में दिखेगी

अब आपकी पीएफ की रकम ईटीफ और रुपये में दिखेगी । ईपीएफओ के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की बैठक में फैसला हुआ है कि फिलहाल 4 फीसदी रकम ईटीफ यूनिट के तौर पर दिखेगी। बाकी रकम रकम कैश के तौर पर पीएफ खाते में दिखेगी। लेकिन भविष्य में ईटीएफ यूनिट का प्रतिशत बढ़ सकता है।  

ईपीएफओ फिलहाल आपके फंड का 15 फीसदी ईटीएफ के जरिए शेयर बाजार में निवेश करता है। यही नहीं ईपीएफओ ने अब निजी क्षेत्र के डबल ए प्लस बॉन्ड्स में भी निवेश का फैसला किया है। इसके पहले वो ट्रिपल ए रेटिंग वाले बॉन्ड्स में ही निवेश करता था।

बता दें कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज यानि सीबीटी ईपीएफओ के लिए निर्णय लेने वाली सर्वोच्च इकाई है। ईपीएफओ ने अब तक ईटीएफ में 32300 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इस बैठक में ईटीएफ यूनिट को रिडीम करने का फॉर्मूला भी तय हुआ है जिसके मुताबिक रिटायरमेंट या पीएफ खाता बंद करने पर ईटीएफ यूनिट रिडीम हो सकेगी।

इसके अलावा क्लेम सेटलमेंट की प्रक्रिया तेज़ करने की भी कवायद जारी है और आगे सेंट्रलाइज्ड पेमेंट सिस्टम को मंज़ूरी मिल सकती है। अब एनपीसीआई के जरिए पेमेंट होगा।

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