Party Etiquette Tips for Hosts- Guests पार्टी एटिकेट्स-मैनर्स

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अब पढ़ाई-लिखाई के साथ-साथ पूरी पर्सनैलिटी मायने रखती है। जैसे, शॉपिंग के दौरान किसी सामान की पैकेजिंग हमें आकर्षित करती है, ठीक वैसे ही दूसरों की नजर में आपका बाहरी व्यक्तित्व पहला आकर्षण होता है। जिसमें आपका पहनावा, बोलने की शैली और व्यवहार शामिल होता है।
जिस तरह पृथ्वी पांच तत्वों से बन कर पूरी होती है, ठीक वैसे ही परफे1ट पर्सनैलिटी के लिए पांच मूलभूत तत्वों का होना जरूरी हैं। इनमें सबसे पहले ध्यान पूरे व्यक्तित्व पर जाता है, उसके बाद क्रमश: मानसिक , सामाजिक , सांस्कृतिक और आध्यात्मिक स्तर पर भी खुद को संतुलित रखना आवश्यक होता है। अगर आपके पूरे व्यक्तित्व में इन पांच चीजों का सामंजस्य है, तो आसानी से दूसरे लोग आपसे प्रभावित हो जाएंगे। दरअसल, अपने से बड़ों से ही नहीं, बल्कि छोटोंं से भी आदर और स्नेह से बात करना, सच्चाई का साथ देना, कमरे में दाखिल होते समय इजाजत लेना, टेलीफोन पर तहजीब का खयाल रखना… आदि तमाम ऐसी छोटी-छोटी बातें हैं, जिनका संबंध एटिकेट्स और मैनर्स से सीधे तौर से है। वैसे, यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि मैनर्स और एटिकेट्स का संबंध महज औपचारिकता से नहीं, बल्कि इसका हमारे-आपके स्वभाव से भी है। सिर्फ दिखावा करने से काम नहीं चलेगा।

Party Etiquette Tips for Hosts- Guests पार्टी एटिकेट्स-मैनर्स
पार्टी एटिकेट्स
– पार्टी में जाने पार आरएसवीपी मैनर का ध्यान रखना सबसे जरूरी है। यह एक फ्रेंच शब्द है, जिसका मतलब है- रिस्पांड सीरियल विजुअल प्रेजेंटेशन यानी कि आप पार्टी आ रही हैं या नहीं, इसकी सूचना पहले ही दे दें। इससे मेजबान को असुविधा नहीं होगी।
-पार्टी के टाइम और जगह को ध्यान से पढ़ें और वक्त पर पहुंचने की कोशिश करें।
– अगर वेटर खाना परोसता है या ड्रिंक्स वगैरह लाकर देता है तो उसे थैंक्यू कहना न भूलें। प्राय: लोग सोचते हैं कि पार्टी में दोस्त या रिश्तेदार ऐसे ही तारीफ कर रहे हैं और वह बस स्माइल दे देते हैं, लेकिन तहजीब यह है कि आप उसके लिए भी थंैक्स बोलें।
-पार्टी में पहुंचते ही खाने पर न टूटें। जितना खाना आप खा सकती हैं, उतना ही अपनी प्लेट में लें। नैपकिन वगैरह को इधर-उधर न फेंके। उससे हाथ पोंछ कर डस्टबिन में ही डालें। अगर आप कुर्सी पर बैठी हैं, तो उसके नीचे कॉफी या चाय पीकर कम-प्लेट न रखें।
-किसी भी पार्टी या शादी में जाते समय गिफ्ट ले जाना न भूलें, भले ही उसकी कीमत अधिक नहीं हो। अगर आप सलीके से फूल भी ले जाएंगी, तो आपका अंदाज पसंद किया जाएगा।
-पार्टी में जोर-जोर से हंस कर बातें करना आपके व्यक्तित्व पर विपरीत प्रभाव डाल सकता है।
जरूरी है सोशल-वैल्यू
हम सब एक समाज में रहते हैं, ऐसे में हमें सोशल-वैल्यूज का ज्ञान भी होना ही चाहिए। यानी हमें यह पता होना चाहिए कि हमारे किस व्यवहार से दूसरों को तकलीफ पहुंच सकती है! हमारे उठने, बैठने या बोलने का सलीका कैसा हो यह जानना भी आवश्यक है।
-परिवार में यदि सबके साथ बैठ कर एक साथ खाना खा रहे हैं, तो हमेशा एक साथ ही उठें।
-कोई गलती होने पर उसे तुरंत स्वीकार करें। नियमों का पालन करें। बड़े ही नहीं, छोटों का भी सम्मान करें।
-जब कोई दो लोग आपस में बात कर रहे हों, तो बीच में न बोलें।
-जोर-जोर से या तेज आवाज में बातें न करें।
जब जाएं होटल
-नैपकिन को गर्दन में लगाने की जगह पैरों पर रखें।
-बाएं से दाहिनी ओर खाना पास करें।
-बिजनेस कार्ड या कोई अन्य पब्लिक डीलिंग हमेशा दाहिने हाथ से करें।
-सर्विस दे रहे वेटर को धन्यवाद और ट्रीट अवश्य दें।
-खाना खाते समय शोर न मचाएं और खाने-पीने को लेकर कोई शिकायत हो तो वेटर पर चिल्लाने की जगह मैनेजर से उसके केबिन में बात करें।
पड़ोसी के साथ कैसा हो व्यवहार
कहते हैं बुरे वक्त में पड़ोसी ही काम आते हैं। यह सच भी है! इसलिए पड़ोसियों के साथ आप कैसा व्यवहार करती हैं, इस बात का भी ध्यान रखें:
-पार्किंग सेंस का ध्यान रखें। कुछ लोग बिना दूसरे का खयाल किए अपनी गाड़ी आड़ी-तिरछी लाइन में लगा देते हैं, इस स्थिति में दूसरे को परेशानी होती है।
-अगर आप ऊपर की मंजिल में रहती हैं, तो कूड़ा ऊपर से बिलकुल भी न फेंके। नीचे रह रहे लोगों को परेशानी हो सकती है।
-म्यूजिक या टीवी का वॉल्यूम ज्यादा तेज न करें। इससे पड़ोसी डिस्टर्ब होते हैं।
-अगर घर में पेट्स हैं, तो इतना ध्यान रखें कि आपके पड़ोसी उससे परेशान न हों।

ऑफिस में कैसा हो आपका व्यवहार
-बॉस, सहकर्मी या कोई जूनियर ही क्यों न हो, उसे विश जरूर करें। अगर कोई आपको गुडमॉर्निंग या कुछ और विश करता है, तो मुस्कुराते हुए उसे जवाब दें।
-अपनी सीट पर बैठकर कुछ न खाएं।
-ड्रेस सेंस और मेकअप विशेष ध्यान दें।
-हमेशा दाहिने हाथ से हैंड शेक करें।
-ई-मेल के माध्यम से किसी को संपर्क करने से पहले उसकी इजाजत जरूर लें।
-यदि व्यवसाय से जुड़े पत्र लिखने हों, तो ई-मेल लिखने का पारंपरिक तरीका ही अपनाएं।

-अपने ई-मेल आईडी में ऐसे शब्दों का इस्तेमाल न करें, जो लोगों को गलत मैसेज देते हों।
-किसी से माफी भी ऑनलाइन न मांगें। ई-मेल द्वारा किसी से माफी मांगना या दु:ख व्यक्त करना सही नहीं है। फोन या पत्र व्यवहार करना बेहतर होगा।
-अपने बॉस की बुराई और अपने ऑफिस की बातें, अपने सहकर्मी से ई-मेल या चैट के द्वारा न करें। आपके ई-मेल या चैट की बातों का इस्तेमाल आपके खिलाफ भी किया जा सकता है।

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