मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी में करियर

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सेवा के साथ रोजगार

मेडिकल प्रोफेशन का नाम आते ही डॉक्टर या नर्स की तस्वीर सामने आती है। यकीनन इनके बिना इस प्रोफेशन का कोई अर्थ नहीं है, लेकिन व्यावहारिक स्तर पर समझें, तो इनके अलावा तमाम ऐसे काम हैं, जिनके बिना चिकित्सा जगत नहीं चल सकता। मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी   को क्लिनिकल लेबोरेट्री विज्ञान के रूप में भी जाना जाता है। इसके तहत डॉक्टर मरीज के मर्ज के बारे में अलग-अलग जांच के माध्यम से यह जानने की कोशिश करते हैं कि उसे क्या हुआ है। इस जांच से डॉक्टर बीमारी के सही रूप का पता लगाकर रोगों का निदान करते हैं। कहने का तात्पर्य यह है कि मेडिकल का क्षेत्र काफी बडा है और इसमें कई क्षेत्र एक-दूसरे से जुडे हुए हैं और उनका बेहतर समन्वय ही इस जीवनदायी पेशे को सम्पूर्णता तक ला पाता है। इन क्षेत्रों में भी करियर के रास्ते खुलते हैं। इनकी मांग अधिक है और प्रशिक्षित लोगों की कमी है। संबंधित प्रशिक्षण लेकर इसमें नौकरी मिल सकती है।

आजकल करियर के अनेक विकल्प युवाओं के पास हैं। यदि आप किसी कारणवश डॉक्टर या नर्स नहीं बन पाए हैं, लेकिन रुचि मेडिकल फील्ड में है, तो आप मेडिकल लेबोरेट्री तकनीशियन बनकर करियर को ऊंची उडान दे सकते हैं। इसमें चुनौतियों के साथ-साथ करियर की संभावनाएं भी काफी हैं। अगर आप में रिसर्च इंस्टीट्यूट ,फार्मास्युटिकल्स इंड्रस्टीज, हॉस्पिटल्स ऐंड नर्सिग होम तथा पैथोलॉजिस्ट के रूप में ब्लड की पडताल करने तथा उसमें सूक्ष्म ज्ञान रखने की उत्सुकता है, तो मेडिकल लैबोरेट्री टेक्नोलॉजी से संबंधित कोर्स फायदेमंद हो सकता है। यह कोर्स देश के सभी संस्थानों में उपलब्ध हैं।

मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी

मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी एक ऐसी विधा है, जिसके अंतर्गत दो प्रकार के लोग तकनीशियन एवं टेक्नोलॉजिस्ट के रूप में कार्य करते हैं। इनका कार्य चिकित्सक के परामर्श के अनुसार रोगी के खून की जांच, बॉडी फ्लूड का विश्लेषण,मानव शरीर की कोशिका की गणना, ऊतकों का परीक्षण,प्लेट्सलेट की गणना आदि की रिपोर्ट देना होता है। मेडिकल टेक्नोलॉजिस्ट मुख्यत: ब्लड बैंकिंग, इम्यूनोलॉजी एवं माइक्रोबायोलॉजी, हिमेटोलॉजी,क्लीनिकल केमिस्ट्री से जुडी जांचें करता है। आधुनिक समय में बिना जांच के कोई इलाज संभव नहीं है। इन सबको देखते हुए मेडिकल लैबोरेट्रीज तकनीशियन क ा कार्य बढ गया है जिससे सरकारी एवं प्राइवेट हास्पिटल्स में इनकी की खूब डिमांड है।

कौन से हैं कोर्स  

देश में इससे संबंधित अनेक तरह के कोर्स उपलब्ध हैं। देश के प्रतिष्ठित क ॉलेजों एवं पैरामेडिकल संस्थानों से एमएससी-एमएलटी, बीएससी-एमएलटी,बीएमएलटी तथा डीएमएलटी का क ोर्स कर सक ते हैं।

शैक्षिक योग्यता

देश के विभिन्न सरकारी एवं गैर सरकारी पैरामेडिकल संस्थानों में इससे संबंधित कोर्स कराए जाते हैं। बीएससी इन मेडिकल लेबोरेट्रीज तकनीशियन एवं डिप्लोमा इन मेडिकल लैबोरेट्रीज तकनीशियन का कोर्स करने के इच्छुक कैंडिडेट्स को फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी में 50 प्रतिशत अंकों के साथ 10+2 होना अनिवार्य है। आरक्षित कैंडिडेट्स को नियमानुसार छूट दी जाती है। इसमें पोस्टग्रेजुएशन करने के लिए प्रथम श्रेणी में बीएससी-एमएलटी होना जरूरी है।

कैसे करें एंट्री

सरकारी एवं गैरसरकारी पैरामेडिकल संस्थानों से बीएससी-एमएलटी, डीएमएलटी करने के लिए कैंडिडेट्स को बारहवीं बायोलॉजी, केमिस्ट्री एवं फिजिक्स के साथ उत्तीर्ण होना जरूरी है। इसमें एंट्री के लिए कैंडिडेट्स को बाहरवीं के बायोलोजी, फिजिक्स एवं केमिस्ट्री के सिलेबस का गहन अध्ययन करना पडेगा। बीएससी एमएलटी के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाती है, जिसमें सफल कैंडिडेट्स को मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जाता है। एमएससी एमएलटी में प्रवेश के लिए विश्वविद्यालय या संस्थान मेडिकल लेबोरेट्रीज से संबंधित प्रश्न के अलावा कैंडिडेट्स की रुचि और विषय के लगाव को परखता है। इसमें एंट्री के मानक अलग-अलग हैं।

संभावनाएं  

मेडिकल का दायरा सिर्फ एक डॉक्टर और नर्स तक ही सीमित नहीं है, इसमें कई तरह के पेशेवर लोग जुडे होते हैं। अस्पताल का नाम आता है तो लोगों का ध्यान सिर्फ डॉक्टर और नर्स की तरफ ही जाता है, लेकिन इसमें टेक्निकल पोस्ट में वेकेंसीज ज्यादा हैं। एक अस्पताल में जितने बेड होते हैं, उससे पांच गुना ज्यादा एम्पलॉयी नियुक्त किए जाते हैं। यह एक लेबर इंटेंसिव इंडस्ट्री है। अगर आप जॉब की बात करें तो समय-समय पर इनकी नियुक्तियां निकलती रहती हैं। हर अस्पताल की साइट पर जॉब की डिटेल मिल जाएगी। इनकी डिमांड सिर्फ अस्पतालों में ही नहीं, लैब्स, क्लिनिक्स, हर जगह है। समाज को कुछ देना चाहते हैं तो यह प्रोफेशन भी बेहतरीन है। इस विधा के कैंडिडेट्स टेक्नोलॉजिस्ट और तकनीशियन के रूप में कार्य करते हैं। इन स्कॉलरों की इस समय देश एवं विदेशों में खूब डिमांड है। इस फील्ड के लोग हॉस्पिटल्स ऐंड नर्सिग होम, पैथोलॉजी, लैबोरटीज, रिसर्च इंस्टीट्यूट एवं फार्मास्युटिकल्स इंड्रस्टीज में बेहतर सैलरी पर रखे जाते हैं। इसके अलावा कैंडिडेट्स रिसर्च के क्षेत्र में बेहतर करियर बना सकते हैं।

सैलरी मेडिकल लैबोरेट्रीज के जानकारों को उनकी योग्यता एवं अनुभव के आधार पर सैलरी का निर्धारिण किया जाता है। वैसे देश में इन्हें 6000 से 30 हजार रुपये की नौकरी आसानी से उपलब्ध है। यही विदेशों में इनकी सैलरी कई गुना हो जाती है।

कहां से करें कोर्स-

देश में निम्न संस्थानों से मेडिकल लैबोरेट्रीज तकनीशियन के कोर्स किए जा सकते हैं।

ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, नई दिल्ली।

सीएसजेएम यूनिवर्सिटी पैरामेडिकल, डिपार्टमेंट कानपुर।

अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, अलीगढ।

आंध्रा मेडिकल कॉलेज, विशाखापट्नम, आंध्र प्रदेश।

केरल मेडिकल कॉलेज, केरल।

बीआईटीएस, पिलानी।

क्रश्चियन मेडिकल थोरापुडी वेल्लौर तमिलनाडु।

 

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