कुमार मंगलम बिड़ला -जिंदगी के अनजान तथ्य

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बिट्स पिलानी वििव के कुलपति बनने के बाद उन्होंने बिट्स को दुनिया के शीर्ष विश्वविद्यालयों में से एक बनाने के लिए मिशन 2012 और विजन 2020 तैयार किया है। भारत के पहले इनोवेशन फेस्ट क्वार्क 2010 की शुरुआत के लिए बिट्स परिसर का पहली बार मुआयना करने के लिए वे गोवा परिसर गए थे। क्वार्क, भारत का शीर्ष तकनीकी उत्सव है जो हर साल आयोजित होता है। इसमें देशभर के छात्र भाग लेने के लिए आते हैं।

28 की उम्र में अध्यक्ष
1995 में पिता आदित्य बिड़ला के निधन के बाद कुमार मंगलम बिड़ला समूह के अध्यक्ष बनाए गए। उस समय उनकी उम्र मात्र 28 साल थी और लोगों ने इतने बड़े बिड़ला साम्राज्य को चलाने में उनकी काबिलियत पर प्रश्न उठाए, पर उन्होंने अपने कौशल, मेहनत और सोच से न समूह को आगे बढ़ाया बल्कि नए क्षेत्रों में भी कंपनी का विस्तार किया। उन्होंने दूरसंचार, सॉफ्टवेयर और बीपीओ में कंपनी का विस्तार किया।

40 देशों में कारोबार
भारत के अलावा आदित्य बिड़ला ग्रुप का कारोबार लगभग दुनिया के 40 विभिन्न देशों में फैला है। सन 1995 में जब उन्होंने ग्रुप की कमान संभाली थी, तब ग्रुप का टर्नओवर था 2 अरब अमेरिकी डॉलर जो उनके नेतृत्व में बढ़कर लगभग 40 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया। आदित्य बिड़ला ग्रुप कंपनियों के अलावा कुमार मंगलम बिड़ला समय-समय पर विभिन्न नियामक और व्यावसायिक बोर्डों पर कई महत्वपूर्ण और जिम्मेदार पदों पर रहे हैं।
नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के फैसले के साथ आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला खड़े नजर आ रहे हैं। उनका मानना है कि नोटबंदी पर जो भ्रम है, वह आने वाले वक्त में साफ हो जाएगा। लोगों को इसके फायदों के बारे में पता चलेगा।
कु मार मंगलम बिड़ला एक प्रसिद्ध भारतीय उद्योगपति और मशहूर आदित्य बिड़ला ग्रुप के अध्यक्ष हैं। आदित्य बिड़ला ग्रुप भारत के सबसे बड़े औद्योगिक घरानों में से एक है। ग्रासिम, हिंडाल्को, अल्ट्राटेक सीमेंट, आदित्य बिरला नुवो, आइडिया सेल्युलर, आदित्य बिरला रिटेल, आदित्य बिरला मिनिक्स आदि बिड़ला ग्रुप के अंतर्गत आने वाली कंपनियां हैं। वे बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (बिट्स पिलानी जो घनश्याम दास बिड़ला द्वारा स्थापित किया गया था) के कुलाधिपति भी हैं।
कुमार मंगलम बिड़ला का जन्म 14 जून 1967 में मुंबई में मशहूर बिड़ला परिवार में हुआ था। वे बिड़ला परिवार के चौथी पीढ़ी के सदस्य हैं। उनका बचपन कोलकाता और मुंबई में गुजरा। उन्होंने बॉम्बे विश्वविद्यालय से वाणिज्य में स्नातक किया है। इसके बाद उन्होंने भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान से चार्टर्ड एकाउंटेंसी की परीक्षा पास की और चार्टर्ड एकाउंटेंट बन गए। उन्होंने लंदन बिजनेस स्कूल (जिसके वे एक मानद सदस्य भी हैं) से एमबीए की डिग्री भी हासिल की। उनका विवाह नीरजा कसलीवाल से हुआ और बिड़ला दंपति के के तीन बच्चे हैं- अनन्याश्री, आर्यमन विक्रम और अद्वैतेषा।
सन 2005 में उन्हें “वर्ष के अर्न्स्ट एण्ड यंग उद्यमी के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यही नहीं, भारतीय उद्योग जगत में उनके अनुकरणीय योगदान के सम्मान में, बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय ने बिड़ला को 2004 में डी. लिट डिग्री से सम्मानित किया। 2003 में उन्हें इकोनॉमिक टाइम्स अवाॅर्ड्स द्वारा “द बिजनेस लीडर ऑफ द ईयर” का पुरस्कार दिया गया। सन 2000 में बॉम्बे मैनेजमेंट एसोसिएशन ने कुमार मंगलम बिरला को “द मैनेजमेंट मैन ऑफ द ईयर 1999-2000″ के रूप में सम्मानित किया।

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