पिता किसान थे,माँ वृद्धा और बीमार, बेटी रम्या २० साल की सुन्दर और प्रतिभावान. मजबूरी में रम्या के परिवार को बुआ फूफा के घर रहना पड़ा. रम्या ने ५००० की छोटी सी नौकरी कर ली. और सोचती  कि मैं माता पिता का सारा क़र्ज़ उतार दूंगी. वह इसी गुमान में थी कि वह रह बुआ के  घर रहें हैं पर  अपने

परिवार का  खर्च वही वहन कर रही है. उसके फूफा की उस पर कुदृष्टि थी, जिसे रम्या समझ नहीं पा रही थी. फूफा ने कुकर्म की कोई चेष्टा तो नहीं की पर उसका वश चलता और रम्या का स्वभाव ऐसा होता तो जरूर ऐसा होना संभव था. रम्या जिसे अपने प्यारे फूफा जी समझती थी,उनका रम्या के लिए ढेर सारी चीज़ें लाना उनका लाड प्यार लगता था पर धीरे धीरे उसे उनकी नियत की खोट समझ आ रही थी.रम्या मन में भयभीत रहती कि कहीं वास्तव में ही फूफा कोई अनुचित चेष्टा न कर बैठे. रम्या अपने माता पिता की सेवा के कारन हर रिश्ते को नकारती रहती, और उसके फूफा को लगता कि कहीं यह रम्या की ओर से उसे पसंद करना है.एक दिन रम्या के माता पिता इस बात पर चर्चा कर रहे थे कि रम्या के फूफा बहुत ही नेक इंसान हैं,उन्होंने ५ लाख का क़र्ज़ जो उतार दिया था उनका कितना एहसान है हम पर. वे हमसे

पैसे वापस भी नहीं चाहते. रम्या ने सुना तो उसके पैरों के निचे कि ज़मीन खिसक गयी. एहसान शब्द उसके मस्तिष्क में कोंध गया. बुआ बहुत ज्यादा ही बीमार रहती थी. एहसान शब्द का अर्थ कुछ और न निकले. इस बार रम्या के लिए जो रिश्ता आया,उसने स्वीकार कर लिया. लड़का अच्छा और शरीफ  था. रम्या ने ससुराल में बहुत बड़ा बिज़नेस संभाला,माता पिता को वहीँ बुला लिया. ५ लाख रूपए लौटा दिए गए थे.बुआ भी अब स्वस्थ रहने लगी थी. रम्या के चेहरे पर सुखद मुस्कान थी.   फूफा का चेहरा लटका हुआ था और बनावटी  हंसी चेहरे पर ला कर मिलनसार होने का ड्रामा कर रहे थे.

जीवन में कभी कभी आपको लगता है कि आपकी समस्याओं  का कोई हल निकाल दे,आपके हिस्से की ज़िम्मेदारियाँ उठा ले; कभी कभी कुछ शरीफ लोग ऐसा करते भी हैं पर ज्यादातर  लोगों का आपकी समस्याओं को हल कर उसका प्रतिफल कुछ ऐसी चीज़ की मांग हो सकती है, जो आपके लिए चुकाना असंभव अथवा  कष्टकारी हो सकता है.इसलिए कोशिश करिये कि अपनी समस्याओं को स्वयं ही सुलझा लीजिये. या ऐसे लोगों से सहायता लीजिये, जो आपके वास्तव में शुभ चिंतक हों, मनुष्य के रूप में भेड़िये नहीं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *