हेयर ट्रांसप्लांट : प्रक्रिया, लागत, साइड इफेक्ट्स , पूरी जानकारी | Hair Transplant : Process, Cost, Side Effects Complete Information

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हेयर ट्रांसप्लांट : प्रक्रिया, लागत, साइड इफेक्ट्स , पूरी जानकारी | Hair Transplant : Process, Cost, Side Effects Complete Information
हेयर ट्रांसप्लांट : प्रक्रिया, लागत, साइड इफेक्ट्स , पूरी जानकारी | Hair Transplant : Process, Cost, Side Effects Complete Information

इन दिनों बाल गिरने की समस्या लोगों में सबसे ज्यादा देखी जा रही है। बालों के झडऩे के पीछे अनेक कारण होते हैं जैसे उम्र के साथ बालों का कमजोर होना, हार्माेनों का बदलना या फिर परिवार में गंजापन आनुवांशिक हो तो बाल झडऩे लग जाते हैं। कई बार दुर्घटना के बाद या किसी बड़े आघात लग जाने के बाद भी बाल झडऩे लग जाते हैं। बालों को प्रतिस्थापित कराने से न सिर्फ आपका व्यक्त्वि निखरता है, बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ता है मगर यह जरूरी भी नहीं है कि जितना आपने सोचा हो उतना आकर्षक रूप प्रतिस्थापन के बाद मिल जाए। बालों का प्रतिस्थापन कराने के लिए जरूरी है कि सिर के पीछे के भाग में और आस-पास के बालों का विकास अच्छा और स्वस्थ हो, क्योंकि यही बाल दानकर्ता (डोनर) के रूप में इस्तेमाल होते हैं। पंच ग्राफ्ट, मिनी ग्राफ्ट, माइक्रो ग्राफ्ट, स्लिट ग्राफ्ट एवं स्ट्रिप ग्राफ्ट, प्रतिस्थापित कराने की कुछ तकनीकें हैं। बालों के प्रतिस्थापित करने में सर्जरी क ी कई तकनीकों का एक साथ उपयोग करना पड़ता है।

कैसे होता है ऑपरेशन
ग्राफ्ट सर्जरी : बालों के प्रतिस्थापन के लिए छोटे-छोटे टुकड़ों में डोनर त्वचा को काटा जाता है और उन्हें सिर की उन जगहों पर प्रतिस्थापित कर दिया जाता है, जहां बाल नहीं होते या फिर बहुत कम होते हैं। गोल आकार के पंच ग्राफ्ट में 2-4 बाल और माइक्रो ग्राफ्ट में १-२ बाल लिए जाते हैं। स्लिट ग्राफ्ट में बालों को पत्तियों के आकार में त्वचा पर लगाया जाता है। हर पट्ïटी में ४-१० बाल होते हैं। स्ट्रिप ग्राफ्ट में एक साथ ३०-४० बाल लिए जाते हैं। सर्जरी से पहले डोनर एरिया अर्थात वह सिर की त्वचा का टुकड़ा जिसे प्रतिस्थापन के लिए उपयोग किया जाएगा। उस जगह के बाल छोटे-छोटे काट दिए जाते हैं। ताकि प्रतिस्थापन में परेशानी नहीं आए। सर्जरी में इन छोटे-छोटे बाल को आस-पास के बालों की मदद से सिल दिया जाता है। सिर में खून का संचार सही ढंग से हो इसलिए दो ग्राफ्ट के बीच करीब इंच के आठवां भाग जितनी दूरी रखना जरूरी होता है। चिकित्सक द्वारा यह बात भी खास ध्यान देने योग्य होती है कि बालों के मोड़ की दिशाएं एक साथ ही जा रही हों। सर्जरी के बाद सिर की चमड़ी की सफाई की जाती है। करीब दो महीने में वह त्वचा सामान्य रूप में आ जाती है।
फ्लैप सर्जरी :
फ्लैप सर्जरी का उपयोग पिछले बीस वर्ष से बालों के प्रतिस्थापन में किया जा रहा है। इस सर्जरी की मदद से सिर पर एक साथ काफी बड़े हिस्से में बाल प्रतिस्थापित किए जाते हैं। एक फ्लैप करीब ३५० पंच ग्राफ्ट का काम कर देता है। इस प्रक्रिया में सिर की त्वचा का एक बड़ा टुकड़ा जिस पर काफी बाल हैं, उसे निकाला जाता है मगर वह एक तरफ से जुड़ा रहता है। फिर उस त्वचा को मोडक़र उसे नई जगह जहां बाल नहीं हंै वहां सिल दिया जाता है। धीरे-धीरे घाव भर जाता है और बाल सामान्य स्थिति में आ जाते हैं।
स्कैल्प रिडक्शन : इस प्रक्रिया को उन्नत फ्लैप सर्जरी भी कहते हंै, क्योंकि इसमें उस चमड़ी को आगे या पीछे खींचा जाता है, जिसमें बालों की संख्या अधिक होती है।
खतरा
बालों का प्रतिस्थापन एक सामान्य सुरक्षित प्रक्रिया है। मगर कई बार घावों के भरने में काफी समय लग जाता है। कई बार सर्जरी के बाद इंफैक्शन भी हो जाता है, जिसके लिए बहुत सावधानी रखने की जरूरत है। एक खतरा यह भी रहता है कि ग्राफ्टिंग के बाद भी बाल उस जगह नहीं उगें, क्योंकि ग्राफ्ट की गई त्वचा कई बार मर जाती है और उस जगह के लिए दोबारा सर्जरी करनी पड़ती है।

आज यही एक ऐसी तकनीक है, जिसके द्वारा इस समस्या से निजात मिल सकती है और यह एक सफल और स्थायी सर्जरी है। इसके लिए मरीज को अस्पताल में रुकने की जरूरत नहीं होती और इसमें खर्च 100-150 रु. प्रति ग्राफ्टिंग होता है। इस सर्जरी को करने के चार से छह सप्ताह के भीतर ही बाल अपने आप बढऩे शुरू हो जाते हैं।

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