हेयर कंडीशनिंग: कैसे करें, क्या ध्यान रखें| How to do hair conditioning

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हेयर कंडीशनर बालों की संरचना में सुधार लाता है, यह बात सभी को पता है। लेकिन हेयर कंडीशनर में कौनसा तत्व क्या असर डालता है? यह बात बहुत कम लोगों को पता है। आइए जानें-
मॉश्चराइ$जर- का काम बालों की नमी को बरकरार रखता है। इसमें बड़ी मात्रा में ह्ïयूमेकटेंट होते हैं।
रीकंस्ट्रक्चर- यानी हाइड्रोलाइज्ड़ प्रोटीन का काम संरचना को पॉलीमर क्रॉसलिंकिंग की मदद से मजबूती देना है। एसिडीफायर खोपड़ी की सतह को मजबूती देता है ।
डटेंगलर्स- पीएच की मदद से बालों की सतह में सुधार लाता है और/या ग्लॉसर के रूप में पॉलीमर से कोट करके काम में लेता है।
थर्मल प्रोटेक्टर – हीट-अब्जॉरविंग पॉलीमर गर्मी के खिलाफ बालों को सुरक्षा कवच देते हैं।
ग्लॉसर- लाइट-रिफलेक्टिंग रसायन जो बालों की सतह से चिपक जाता है।
ईएफए- एसेंशियल फैटी एसिड बालों के रूखेपन को कम करती है और उसे नर्म बनाती है। खोपड़ी द्वारा उत्पन्न किए जाने वाले प्राकृति तेल को सेबम कहते हैं। एफए प्राकृतिक सेबम का सबसे करीबी तत्व है।
सर्फेक्टेंट- बालों का 97 प्रतिशत हिस्सा प्रोटीन से बना होता है, जिसे केराटिन कहा जाता है। केराटिन की सतह में नेगेटिव-चार्ज एमिनो एसिड होते हैं। जबकि हेयर कंडीशनर में सर्फेक्टेंट होते हैं, जो पूरी तरह साफ नहीं होते और केराटिन से जुड जाते हैं। यह बालों की नई सतह के रूप में काम करते हैं।
लुब्रीकेंट- फैटी एल्कोहल, पेथेनॉल, डायमेथिकॉन आदि होते हैं।
सिक्वेस्ट्रेंट्ïस- भारी पानी में भी बालों को स्वस्थ बनें रहने में मदद करते हैं। एंटीस्टेटिक एजेंट और प्रिजरवेटिव भी इसमें शामिल किए जाते हैं।

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