बार बार न गर्म करें खाना क्योंकि …| Foods Shouldn’t You Reheat

0
food cook
food cook

 

Expert-advice-best-cooking-advice-ever-article. Indian-Food -Hints-Tips-Cooking-Hints-Tips
घ र का हर सदस्य अपनी सुविधानुसार खाना गर्म कर खाता है। इस प्रक्रिया में खाने के ज़रूरी तत्व तो नष्ट होते ही हैं, कई बार वह ज़हरीला भी हो जाता है। इससे गैस, बदहज़मी के साथ फूड पॉइज़निंग की समस्या हो सकती है। लम्बे समय में यह गम्भीर बीमारियों का कारण न बने, ऐसे में जानना ज़रूरी है कि कौन से खाद्य बार-बार पकाने से बचना चाहिए-

आलू –
अधिकांश लोगों का पसंदीदा है और इसके कितने ही व्यंजन हम स्वाद से बार-बार खाते हैं। परंतु आलू पकने के बाद अगर कमरे के सामान्य तापमान पर रखा जाए, तो भी यह नुक़सानदेह हो सकता है। कुछ समय में इसमें बॉटुलिज्म नामक बैक्टीरिया पनपने लगता है। अगर यह एल्यूमीनियम फॉइल में बंद है तब इसकी आशंका और बढ़ जाती है।
आलू दोबारा गर्म करने से उसमें मौजूद विटामिन नष्ट हो जाते हैं। बार-बार गर्म करने से उसमें मौजूद स्टार्च ख़राब होने लगता है। हर बार गर्म करने पर ख़राब स्टार्च की मात्रा बढ़ती जाती है। इस तरह आलू खाने से बदहज़मी भी हो सकती है। इससे बचने के लिए आलू की सब्ज़ी को खुला न रखें और दोबारा गर्म करने से बचें।
पालक–
हरी पत्तेदार सब्ज़ियां स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हैं और इनका नियमित रूप से सेवन किया जाना चाहिए, लेकिन थोड़ा ध्यान भी रखें क्योंकि पालक के साथ कुछ अन्य हरी पत्तेदार सब्ज़ियां दोबारा गर्म करने पर शरीर को नुक़सान भी पहुंचाती हैं। इनमें भरपूर मात्रा में नाइट्रेट होता है जो बार-बार गर्म किए जाने पर नाइट्राइट्स और कार्सिनोजेनिक तत्वों में बदल जाता है। इनकी अधिकता शरीर के लिए घातक होती है। इससे फूड पॉइज़निंग की शिकायत हो सकती है। चुकंदर में भी नाइट्रेट होता है, इसलिए इसे भी दोबारा गर्म कर खाने से बचें।
तेल

कुछ लोग खाने का तेल भी दोबारा इस्तेमाल में ले लेते हैं। इससे स्वाद पर भले ही कुछ खास फ़र्क न पड़े पर स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत नुक़सान पहुंचता है। तेल दोबारा गर्म करने से एल्डिहाइड नामक टॉक्सिन बनता है। कई शोधों में पता चला है कि एल्डिहाइड से दिल की बीमारी, डिमेंशिया और कैंसर तक हो सकता है। साथ ही जला हुआ तेल वनस्पति का रूप होता जिसके इस्तेमाल से बचना चाहिए, अन्यथा वह वसा के रूप में जमा होकर भी शरीर को नुक़सान पहुंचाता है।  

 

मशरूम
यूरोप की फूड इन्फॉर्मेशन काउंसिल के अनुसार मशरूम में मौजूद प्रोटीन एंजाइम में बदल सकते हैं और उसमें सूक्ष्मजीव पनप सकते हैं। बार-बार गर्म करके खाने से फू़ड पॉइज़निंग भी हो सकती है। हालांकि मशरूम २४ घंटे के भीतर दोबारा गर्म करके खाए जा सकते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें फ्रिज में ही रखना चाहिए।

मांसाहारी भोज्य
चिकन-मटन के साथ किसी भी प्रकार का मांसाहारी भोज्य दोबारा गर्म करने पर सबसे ज़्यादा नुक़सानदेह होता है। इससे उसमें मौजूद प्रोटीन की संरचना बिगड़ जाती है। इससे बचने के लिए अगर मांसाहारी भोज्य दोबारा गर्म कर रहे हैं, तो उसे धीमी आंच पर पकाएं। ताकि बाहरी सतह के साथ अंदर तक अच्छी तरह गरम हो जाए। बाहर गर्म और अंदर ठंडा रहने पर यह नुक़सान करेगा।

चावल
चावल के साथ भी आलू जैसी ही समस्या है। इसे दोबारा गर्म करने से तो नुकसान है ही, इसे बनने के बाद रखने का तरीक़ा भी सही होना चाहिए। चावल पकने के बाद कमरे के सामान्य तापमान पर नहीं रखना चाहिए। वैसे, रखने के बजाय इन्हें एक बार में ही ख़त्म कर देना सबसे अच्छा होगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here