क्लिनिकल साइकोलॉजी में करिअर: कोर्स, अवधि , प्रक्रिया, सैलरी, अवसर , पूरी जानकारी

0

 

क्लिनिकल Psychology को Psychology की सबसे बड़ी शाखा माना जाता है। इसके तहत मानसिक और मनावैज्ञानिक समस्याओं का निराकरण किया जाता है। इस क्षेत्र में करिअर बनाने के लिए सबसे अहम यह है कि आप लोगों में कितनी दिलचस्पी लेते हैं। क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट का काम होता है बाइपोलर डिसऑर्डर, डिप्रेशन जैसी कई मानसिक समस्याओं का निराकरण करना। अपनी इस भूमिका में क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट मरीज की परेशानी का आकलन करता है और उसके निराकरण के लिए काम करता है। क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट के लिए सरकारी और निजी दोनों किस्म के अस्पतालों में काम करने के अवसर होते हैं और वे मेडिकल प्रोफेशनल जैसे साइकेट्रिस्ट के साथ मिलकर काम करते हैं क्योंकि क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट मरीज को किसी प्रकार की दवा नहीं दे सकते।

करिअर की संभावनाएं
इस क्षेत्र में करिअर बनाने के लिए क्लिनिकल Psychology में मास्टर डिग्री हासिल करनी होती है। इसके लिए अधिकांश संस्थान Psychology
 में स्नातक डिग्री रखने वाले छात्र-छात्राओं को ही वरीयता देते हैं। क्लिनिकल Psychology
 में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी करिअर बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है। यदि आप स्वतंत्र रूप से क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट के रूप में काम करना चाहते हंै तो इसके लिए जरूरी है पीएचडी (डॉक्टर ऑफ फिलोसॉफी) अथवा डॉक्टरेट इन Psychology

क्लिनिकल Psychologyमें पीएचडी के जरिये आप रिसर्च वर्क में अपना करिअर बना सकते हैं जबकि डॉक्टरेट इन साइकोलॉजी के माध्यम से प्रेक्टिल वर्क पर मुख्य जोर दिया जा सकता है।

प्रभावी भूमिका
क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट मरीज की समस्याओं की जड़ में जाकर उनका निदान करता है। इसके लिए कुछ फिजिकल और लेबोरेटरी टेस्ट किए जाते हैं। साथ ही मरीज के व्यक्तित्व, समझदारी आदि का आकलन भी किया जाता है और यह काम साक्षात्कार और प्रश्नों के माध्यम से किया जाता है। इस क्षेत्र में करिअर के कई अवसर हैं। आप छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों और युवाओं से सीधा संवाद कायम करते हैं। क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट अस्पतालों के साथ ही स्कूल, मेंटल हैल्थ इंस्टीट्यूट, कॉलेज में काम करने के अलावा अपना स्वयं का क्लिनिक भी संचालित कर सकते हैं। क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट के लिए एक और बेहतर क्षेत्र है और वह है शिक्षा जगत। आप छात्रों को क्लिनिकल काउंसलिंग प्रदान करने की दिशा में काम कर सकते हैं।

चुनौतीपूर्ण करिअर
निश्चित रूप से यह क्षेत्र काफी चुनौतीपूर्ण है। जिसमें आपको यह संतुष्टि मिलती है कि आपने किसी की मानसिक समस्या का निदान किया वहीं थकान और फ्रस्टेशन जैसे तथ्य भी इसके साथ जुड़े हैं। इस क्षेत्र में करिअर बनाने से पहले अपने आप को इस प्रकार तैयार करें कि आप धैर्य और सहनशीलता में पीछे नहीं रहेंगे। आपके पास बेहतर कम्युनिकेशन स्किल और धैर्य का भंडार होना जरूरी है।
वेतनमान
चुनौतीपूर्ण होने के साथ ही यह क्षेत्र बेहतर वेतन भी प्रदान करता है। वेतन आपकी योगयता और विशेषता के अनुसार हो सकता है। एम फिल और पीएचडी डिग्री वाले क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट के लिए अधिक वेतन पाने के अवसर होते हैं। कॉर्पोरेट सेक्टर में भी अच्छा वेतन मिलने की संभावनाएं रहती हैं। एंट्री लेवल पर वेतन 5,000 से 8,000 रुपए के बीच हो सकता है वहीं विशेषज्ञता प्राप्त परामर्शक के लिए यह इससे कहीं अधिक हो सकता है वहीं प्राइवेट प्रैक्टिस करने वालों के लिए और बेहतर अवसर हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here