ब्लड शुगर – इनका सेवन करने से मेंटेन होगा…

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किस ऑयल के क्या फायदे-

राइस ब्रान ऑयल : एंटीऑक्सीडेंट और विटामिंस का सबसे बड़ा स्रोत है। इससे मीनोपॉज के दौरान हॉट फ्लैश और चिड़चिड़ाहट कम होती है। बुरे कोलेस्ट्रॉल को कम कर हार्ट अटैक-स्ट्रोक्स से बचाता है।
मस्टर्ड ऑयल : यह स्टीमुलेंट, एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल, एंटीरूमेटिक और टॉनिक सब्सटेंस पाए जाते हैं। कार्डियो वेस्कुलर डिजीज घटाता है।
सन फ्लॉवर ऑयल: सबसे ज्यादा ओमेगा-6 फैटी एसिड पाया जाता है। यह ब्लड शुगर लेवल को सामान्य बनाकर डायबिटीज पेशेंट्स को फायदा पहुंचाता है।

ऑयल में पाए जाने वाला ट्रांस फैट का दिल, ब्रेन से सीधा जुड़ाव है। इससे दिल की बीमारी और कैंसर होने की संभावना रहती है

सनफ्लावर ऑयल डायबिटीज में मेंटेन करता है ब्लड शुगर—–

कोकोनट ऑयल :
ब्लड प्रेशर कम करने में मददगार है। एंटी बैक्टीरिया और एंटी वायरल होने की वजह से इम्युन सिस्टम मजबूत बनाता है। ब्लड शुगर को संतुलित कर हड्डियों को न्यूट्रिशिन देता है।

ऑलिव ऑयल :
विटामिन,न्यूट्रीशियंस और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। यह डाइजेस्टिव सिस्टम को बेहतर बनाकर गाल स्टोन, अल्सर नहीं होने देता है। स्किन को हेल्दी बनाता है।

पीनट ऑयल :
फैटी एसिड होेने से हाई कैलोरी वैल्यू ज्यादा है। एंटीऑक्सीडेंट होने से कैंसर, दिल की बीमारियां, डिजनरेटिव नर्व डिजीज, अल्जाइमर, वायरल फंगल बीमारियों को रोकने में मदद करता है।

हैल्दी और फिट रहने के लिए फैट फ्री डाइट और लो फैट डाइट ले रहे हैं। डाइट में कुकिंग ऑयल को लेकर नए-नए एक्सपेरिमेंट भी कर रहे हैं। फिर भी ब्रांडेड ऑयल और इनमें पाए जाने वाले फैट्स पर असमंजस बना रहता है। कम फैट लेना भी व्यक्ति के लिए नुकसानदायक होता है। रिसर्च और स्टडीज के मुताबिक, फैट फ्री और लो फैट डाइट नहीं लेनी चाहिए। सीड्स से ऑयल लेना चाहिए।

सरसों का तेल सबसे ज्यादा प्रतिरोधकता—-
हैल्दी रहने के लिए संतुलित फैट लेना चाहिए। कुकिंग ऑयल से मिलने वाला यह फैट मोनो अनसेचुरेटेड और पॉली अनसेचुरेटेड दोनों एक समान मात्रा में लेना चाहिए। उदाहरण के तौर पर 10 ग्राम अनसेचुरेटेड फैट लेने पर 10 ग्राम ही पॉली अनसेचुरेटेड फैट लेना चाहिए। मोनो अनसेचुरेटेड में सरसों और ऑलिव ऑयल सबसे बेहतर हैं। पॉली अनसेचुरेटेड में वनस्पति ऑयल, सोयाबीन, मूंगफली, सनफ्लॉवर सैफ फ्लॉवर का ऑयल बेहतरीन होता है। पाम और कोकोनट ऑयल सबसे खराब तेल है। शोधकर्ता और फिजीशियन  ने बताया कि सरसों के तेल में सबसे ज्यादा प्रतिरोधक क्षमता होती है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की गाइडलाइन के मुताबिक, हाइड्रोजिनेटिड ट्रांस फैट, वनस्पति घी को अवॉइड करें।

तेल को ज्यादा गर्म नहीं करें —
सभी वेजिटेबल ऑयल ब्लड वैसल्स की लाइनिंग को नुकसान पहुंचाते हैं। लाइनिंग को नुकसान पहुंचने से ही दिल और ब्रेन की बीमारियां होती हैं। इन ऑयल से लाइनिंग खराब होती है। बॉडी के लिए ऑयल जरूरी है, लेकिन बाजार में उपलब्ध ऑयल कम से कम खाएं।

रिफाइंड ऑयल की जगह सीड्स से ऑयल लेना चाहिए। ओमेगा थ्री युक्त सीड्स डाइट में शामिल करने चाहिए। अलसी को आटे के साथ मिलाकर खाना खाएं। घी और तेल से वजन बढ़ता है। तेल को ज्यादा गर्म नहीं करें, बिना गर्म किए हुए तेल में सब्जी बनाएं, पानी और सब्जी तेल में एक साथ डालने से ज्यादा तापमान पर गर्म नहीं होगा।

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