hanuman ji aarti | hanuman ji ki aarti lyrics | aarti kije hanuman | hanuman ji ki aarti mp3 | shri hanuman ji ki aarti | shri hanuman ji ki aarti | aarti kije hanuman lala ki mp3 download

जय शिव ओंकारा हर शिव ओंकारा,

ब्रम्हा विष्णु सदाशिव अद्र्धांगी धारा। टेक।

एकानन चतुरानन पंचानन साजे,

हंसानन गरूड़ासन वृषवाहन साजे ।जय।

दो भुज चार चतुर्भज दश भुज ते सोहे,

तीनों रूप निरखता त्रिभुवन जन मोहे ।जय।

अक्षमाला बनमाला रूण्डमाला धारी ।

कंदन मृगमद लोचन भाले शशिधारी।जय।

श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे,

सनकादिक ब्रम्हादिक भूतादिक संगे।जय।

कर मध्ये कमण्डलू चक्र त्रिशूल धर्ता,

जगकरता जगहरता जगपालन करता ।जय।

ब्रम्हा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका,

प्रणवाक्षर के मध्ये यह तीनों एका ।जय।

त्रिगुण शिव की आरती जो कोई नर गावे,

कहत शिवानंद स्वामी मनवांछित फल पावे ।जय।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *