11 वास्तु शास्त्र टिप्स : खुशियों को दिखाएं अपने घर का रास्ता

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लिविंग रूम में या स्टडी रूम में टीवी व कम्प्यूटर्स दक्षिण में रखने चाहिएं, इन्हें उत्तर पूर्व या दक्षिण पश्चिम में न रखें।
-निवास का उत्तर- पूर्व भाग यदि साफ सुथरा न रखा जाए तो घर के पुरुषों के स्वास्थ्य पर बुरा असर हो सकता है।
-विद्यार्थियों को पूर्व दिशा की ओर मुंह करके पढ़ाना चाहिए।
-किचन के दक्षिण- पूर्व में गैस रखनी चाहिए।
-किचन के उत्तर- पूर्व में पीने योग्य जल रखना चाहिए।
-घर के सभी दरवाजों, खिड़कियों आदि के कब्जे शोर रहित होने चाहिएं इन्हें समय-समय पर ग्रीस करते रहें।
-किसी भी बेड को बीन/ गार्डर के नीचे न लगाएं।
-कमरे की छत के पांच कोने नहीं होने चाहिएं।
-टायलेट्स की सीट का रुख उत्तर- पश्चिम होना चाहिए।
-दक्षिण- पश्चिम में कोई दरवाजा या खिड़की नहीं रखें।
-घर के उत्तर-पूर्व में कोई बड़ा वृक्ष नहीं होना चाहिए।
-उत्तर-पूर्व में छोटी जड़ी बूटियां या डेकोरेटिव प्लांट्स लागए जा सकते हैं। जिन पौधों से सफेद पदार्थ निकलता हो उन्हें -घर में स्थान न दें।
-कैक्टस को घर में न लगाएं।
-यदि घर का उत्तरी भाग बंद है तो यह समृद्धि को रोकता है।
-उत्तर से पूर्व की ओर बहता हुआ झरना लगाएं।
-ऑनर (मालिक) की सीट के पीछे मजबूत दीवार होनी चाहिए।
-घर, ऑफिस या फैक्ट्री का केंद्र स्थान बिलकुल खाली होना चाहिए।
-मालिक की सीट के पिछली ओर मंदिर नहीं होना चाहिए।
-मुख्यत: प्रत्येक दिशा एक निश्चित कारक को इंगित करती है-
-उत्तर- पश्चिम : वायु
उत्तर : कुबैर
उत्तर- पूर्व : सदाशिव
पश्चिम : वरुण
ब्रह्मïास्थान : ब्रह्मï
पूर्व : इन्द्र
दक्षिण- पूर्व : अग्नि
दक्षिण : यम
खाना खाते वक्त मुंह पूर्व की ओर हो, यह ध्यान रहे।

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