हार्ट फेलियर-लक्षण-बीमारी को बढ़ाने वाले फैक्टर

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स्लीप डिसऑर्डर ब्रीदिंग प्रॉब्लम बढ़ने पर हो सकता है हार्ट फेलियर

बीमारी को बढ़ाने वाले फैक्टर
अल्कोहल,नींद लाने वाली दवाइयां खाना, ओबेसिटी, सीधे सोना, अपर रेस्पेक्ट्रिव इंफेक्शन, नाक की एलर्जी।

लक्षण : खर्राटे आना, दिन में ज्यादा नींद आना, वर्क प्लेस और गाड़ी चलाते-चलाते सो जाना, सुबह-सुबह सिर में दर्द और थकान, पूरी नींद लेने के बाद आराम नहीं मिलना, रेस्टलैस स्लीप, पीरियड ऑफ एपनिया बार-बार उठाना, एसिडिटी, हाइपरटेंशन, ध्यान केंद्रित नहीं रख पाना, डिप्रेशन में जाना, रात में सिर दर्द, बार-बार यूरीन आना।
कारण: नाक की हड्डी का टेढ़ा होना, नाक में मांस का भरना, नाक की एलर्जी, जीभ का बढ़ा होना, ठोड़ी का छोटा होना, बड़े टांसिल होना, तलुवा का बड़ा और ढीला होना, जीभ के पीछे का हिस्सा बड़ा होना, वॉकल कॉर्ड में लकवा या ट्यूमर होना, मोटापा।
डायग्नोसिस: नाकसे गले तक दूरबीन से जांच नेजो फेरिंगो लेरिगोस्कोप, सीटी स्कैन, एमआरआई, पॉली सोनोग्राफी।
ट्रीटमेंट: अल्कोहल नहीं लें, सोने और खाने के बीच तीन घंटे का अंतर रखें, ज्यादा थकान से बचें, मॉर्निंग और ईवनिंग वॉक करें, सीधे नहीं करवट लेकर सोएं, सिरहाने को चार इंच ऊंचा करें, रेगुलर स्लीप पैटर्न बनाएं। सी पैप और बाई पैप मशीन से रात को सोते समय व्यक्ति को हवा देकर पेशेंट के रेस्पिरेटरी सिस्टम को खुला रखा जाता है। इससे रिलीफ नहीं मिलने पर सर्जरी की जाती है या फिर सांस की नली में छेद किया जाता है।

किस उम्र में होती है प्रॉब्लम : 30 से 60 साल की उम्र में अक्सर यह प्रॉब्लम होती है।
9 परसेंट महिलाओं और 29 फीसदी पुरुषों में यह प्रॉब्लम अक्सर होती है। मेनोपॉज के बाद और 70 परसेंट ओबीज लोग इससे ग्रस्त हैं।

ऑक्सीहीमोग्लोबिन का डी सैचुरेशन 90 परसेंट से कम होने पर नींद अचानक खुल जाती है और यह प्रक्रिया रातभर जारी रहती है

रात में सोते समय अचानक से चौंक कर उठना और गाड़ी चलाते हुए नींद आना। सांस में रुकावट की वजह से रातभर जागने से नींद पूरी नहीं हो पाना। स्लीप डिसऑर्डर ब्रीदिंग की वजह से होने वाली यह बीमारी ऑबस्ट्रेक्टिव स्लीप एपनिया सिंड्रोम है। नाक से वोकल कॉर्ड तक कहीं भी रुकावट होने के कारण होने वाली इस बीमारी के बढ़ने से हार्ट फेलियर, टीबी, एंजाइना, हार्ट अटैक भी हो सकता है। इसमें एक घंटे में पांच से ज्यादा बार, दस सैकंड या उससे ज्यादा ज्यादा सांस रुकने का एपिसोड होने पर ऑबस्ट्रेक्टिव स्लीप एपनिया होता है।

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