सेहत संभालें…ऑफिस में लॉन्ग ऑवर्स तक काम करती महिलाएं…

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office girl long working hours

जो महिलाएं प्रति सप्ताह ६० से अधिक घंटे काम करती हैं उनमें लगभग ३ गुना बीमारियां ज्यादा होने की रिस्क बढ़ जाती है। कम्प्यूटर पर लगातार बैठने पर आंखें कमजोर हो जाती हैं।

प्रति सप्ताह ६० से अधिक घंटे काम करने पर महिलाओं में-

-मॉडिफाई टेम्प्रेचर में काम करने की वजह से इम्युनिटी सिस्टम कमजोर होता है इससे क्रास इन्फेक्शन होने का चांस भी बढ़ जाता है।
-लम्बे समय मॉडिफाइड टेम्प्रेचर में रहने की वजह से स्किन ड्राय हो जाती है डिप्रेशन होने लगता है।
-इसके अलावा टाइट क्लोदिंग की वजह से लोअर एरिया में इंफेक्शन हो सकता है। ऑफिस में रेगजीन सीट पर बैठे रहने से भी स्किन इन्फेक्शन होने का खतरा रहता है।
-लॉन्ग ऑवर्स बैठने के बजाय बीच-बीच में थोड़ा वॉक करें।

लॉन्ग आवर्स तक ऑफिस में काम करने पर महिलाओं को अक्सर कमर दर्द, मोटापा, स्ट्रेस आदि की शिकायत आम बात है। अब नए शोध से सामने आया है कि लम्बे समय तक सीट पर बैठकर काम करने से हार्ट डिजीज, कैंसर, गठिया और पुराने रोगों के बढ़ने से काफी अधिक संभावना बढ़ जाती है।
अध्ययन में पाया गया है कि जो महिलाएं प्रति सप्ताह ६० से अधिक घंटे काम करती हैं उनमें लगभग ३ गुना अधिक हार्ट प्रॉब्लम, नॉन स्किन कैंसर, फेफड़ों की बीमारी, गठिया और डायबिटीज जैसे रोग होने की संभावना बढ़ जाती है। लंबे समय के साथ-साथ स्ट्रेस भी इसमें पुरुषों की तुलना में महिलाओं में यह रिस्क ज्यादा है। रिसर्च के अनुसार २८ प्रतिशत महिलाएं ३० से ४० प्रति वीक काम करती हैं। ५६ प्रतिशत महिलाएं ४१ से ५० घंटे काम को देती हैं। १३ प्रतिशत महिलाएं ५१ से ६० घंटे काम करती हैं और ३ प्रतिशत ६० से अधिक घंटा प्रति सप्ताह काम करती हैं।

महिलाओं को लॉन्ग आॅवर्स तक काम करने से कोई हैल्थ ईश्यू तब तक नहीं हो सकता जब तक कोई मेडिकल डिसऑर्डर हो। इन दिनों महिलाओं में खासतौर पर अबनॉर्मल ड‌्यूटी आवर्स, लंबे समय तक एक ही जगह पर बैठे रहने और जंक फूड का सेवन करने की वजह से कोई कोई प्रॉब्लम हो रही है। इसके अलावा डायबिटीज, बी.पी., मोटापा आदि होने पर लंबे समय तक काम करने पर कमर दर्द, ज्वाइंट प्रॉब्लम, कम्प्यूटर पर लगातार बैठने पर आंखों की कमजोरी, नाइट शिफ्ट में काम करने पर हॉर्मोन डिसऑर्डर, पीसीओएस, स्किन डिजीज, हिप ज्वाइंट, नी ज्वाइंट आदि में दर्द होने की समस्या हो जाती है। इससे फर्टिलिटी पर भी बुरा असर पड़ता है।
लगभग ३ गुना अधिक हार्ट प्रॉब्लम, नॉन स्किन कैंसर, फेफड़ों की बीमारी, गठिया और डायबिटीज जैसे रोग होने की संभावना बढ़ जाती है।
३% ६०+घंटे
१३% ५१ से ६० घंटे
इन बातों का रखें ख्याल
महिलाओं के वर्किंग ऑवर्स (प्रति सप्ताह)
५६% ४१से ५० घंटे
२८ % ३०से ४० घंटे
मॉडिफाई टेम्प्रेचर की वजह से इम्युनिटी सिस्टम बनता है कमजोर
ऑफिस में लंबे समय तक काम करने से हार्ट डिजीज, कैंसर होने की संभावना

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