बालों का असमय झड़ने -Hair loss का कारण और उपचार

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Hair Loss Remedy
Hair Loss Remedy

आजकल बाल उड़ने के पैटर्न में बदलाव रहा है। एलोपेशिया एरियटा के कारण युवाओं में गोलाकार और अंडाकार एरिया में अचानक बाल उड़ रहे हैं। यह पैटर्न उन लोगों में ज्यादा देखने को मिल रहा है जिनके पूर्वजों में अस्थमा, डायबिटीज, थायराइड और ब्लडप्रेशर आदि बीमारियां हैं। इन बीमारियों के कारण तनाव होने से बाल उड़ रहे हैं। महिलाओं में डिलीवरी के तीन से छह महीने बाद बालों का गिरना शुरू होता है। कई बार टाइफाइड और लंबी बीमारी से भी बाल गिर जाते हैं।कई केसो में मां के परिवार में यह बीमारी होने की वजह से बच्चों में रही है। यानी नाना, मामा आदि के जींस बच्चों में ट्रांसमिट हो रहे हैं। बच्चे कम उम्र में गंजे हो रहे हैं। हालांकि, मां इसमें साइलेंट कैरियर होती है।

इलाज

डाॅक्टर्स के परामर्श से मिनोक्सडील मेडिसिन, टॉपिकल स्टीरॉयड सॉल्यूशन, इंटिरालिजनन इंजेक्शन, सिस्टमेटिक स्टीरॉयड, विटामिन ई, जिंक और बायोटीन

डाइट
आयरन और प्रोटीन से युक्त डाइट लें।

बारिश के मौसम में बालों का झड़ना, स्केल्प ड्राई होना, स्केल्प में सफेद फुंसी, डैंड्रफ जैसी समस्याएं होती हैं। इसका मुख्य कारण पेट से जुड़ी परेशानी को माना जाता है। गैस, एसिडिटी, कब्ज, स्ट्रेस की वजह से बालों का झड़ना शुरू हो जाता है। शरीर में कहीं कहीं टॉक्सिन इकट्ठा होते हैं जिन्हें निकालना बेहद जरूरी है। पंच तत्वों के जरिए शरीर की शुद्धि घर पर भी आराम से की जा सकती है।
उपाय: मडथेरेपी- पेट पर मिट्टी पट्टी, एनिमा और बालों में मिट्टी का लेप करना चाहिए। काली मिट्टी को लम्बे समय तक भिगो कर रखा जाता है।
कुंजल और जल नेती क्रिया
सुबह४ से ५ गिलास निथरा हुआ पानी पिएं। फिर उसे वमन/उल्टी के जरिए बाहर निकालें। इससे टॉक्सिन बाहर निकल जाएंगे। जल-नेती जिसमें एक नाक में पानी डालते हुए उसे दूसरे नाक से बाहर निकालें। ये क्रिया चार से पांच बार करें। इन क्रियाओं को शुरू में किसी एक्सपर्ट की निगरानी में करें
आहार: सात्विकआहार लें जिसमें दो उबली हुई सब्जियां बिना तेल, घी की और जिसमें आयरन हो शामिल करें। जैसे पालक की सब्जी। साथ ही योग प्राणायाम, भ्रामरी, अनुलोम-विलोम करें।

युवाओं में हेयर फॉल सामान्य बीमारी बन चुकी है। यह हेयर फॉल संघर्ष और तनाव के कारण नहीं बल्कि जीन ट्रांसमिशन के कारण हो रहा है। हॉस्टल में न्यूट्रीशियस डाइट नहीं मिलने से यह समस्या बढ़ रही है। कुछ साल पहले तक यह समस्या ५५ साल की उम्र में देखी जाती थी, लेकिन अब २० से २५ साल की उम्र में हेयर फॉल हो रहा है। इसकी शुरुआत १६ से १७ साल की उम्र में लड़कों में हॉर्मोनल बदलाव के साथ हो रही है। हेयर फॉल दो प्रकार का होता है एक नरिशमेंट की कमी और दूसरा जेनेटिक। जेनेटिक केस में बालों का ज्यादा कुछ नहीं किया जा सकता है, लेकिन नरिशमेंट की कमी को दूर करके बालों को खूबसूरत बनाया जा सकता है।

एक्शन–
ग्रीन वेजिटेबल के साथ पुदीना, धनिया, पालक का सेवन ज्यादा करें। मक्खन, दूध, नट्स, अादि का सेवन रोज करें। सुबह नाश्ते में ३ अंजीर, ६ मुनक्का और ७ बादाम नियमित रूप से लें। इससे बालों को पोषण मिलेगा।
दालचीनी पाउडर, नारियल तेल और हनी तीनों को बराबर मात्रा में मिलाकर (बालों की लंबाई के अनुसार) पेस्ट बना कर बालों में आधा घंटे लगाकर रखें। केमिकल फ्री शैम्पू से बाल धोएं। इससे बालों को पोषण मिलेगा।

चूंकि आंवला अभी सीजन में नहीं है तो आंवले की 50 ग्राम पत्तियों को २ चम्मच बादाम के तेल,1 चम्मच हनी में मिलाकर पेस्ट तैयार करें। इस पेस्ट को बालों में डाय होने तक लगा कर रखें। फिर धो लें। 2 चम्मच मेथीदाना को गर्म पानी में रात को भिगो दें सुबह उसे पीस कर उसमें ५० ग्राम पुदीने की पत्तियां, १ चम्मच नींबू, १ चम्मच हनी डालकर पेस्ट तैयार कर बालो में लगाएं। बारिश के मौसम में फंगल इंफेक्शन नहीं होगा। 1 या 2 व्हाइट अंडे में १ कटोरी दही, सरसों का तेल अच्छे से मिलाकर बालों में लगाएं, बालों में खुजली की समस्या दूर होगी।

गैस, एसिडिटी, कब्ज से झड़ते है बाल

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