न करें ये 8 गलतियां.. बैंकिंग ट्रांजेक्शन करते वक्त

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चेक भरने और इसे बैंक में जमा कराने तक आपको कई ऐसी बातें हैं, जिनका ध्यान रखना चाहिए। अगर आप यह सोच रहे हैं कि चेक बाउंस होने की वजह सिर्फ खाते में पर्याप्त बैलेंस होना है तो आपका सोचना गलत हो सकता है। चेक बाउंस होने की और भी कई वजहें हैं।
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खाते में हो पूरे पैसे :
अकाउंट में अगर चेक पर लिखी रािश‍ से कम बैलेंस होगा तो चेक बाउंस हो जाता है।
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फ्रीज अकाउंट नहीं लेगा चेक :
अगर अकाउंट किसी कारणवश फ्रीज़ हो चुका है तो भले ही अकाउंट में कितना ही पैसा क्यों हो, चेक स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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तारीख हो तीन माह पुरानी :
अगर आपने तीन महीने पुराना चेक लगा दिया है या फिर ऐसा चेक लगा दिया जिसपर आगे की तारीख लिखी है, तो बैंक चेक को रिजेक्ट कर देगा।
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सिग्नेचरमैच होने जरूरी :
अगर चेक काटने वाले व्यक्ति‍ ने उल्टे-सीधे हस्ताक्षर कर दिए हैं और बैंक में स्पेसिमेन सिग्नेचर से मैच नहीं हो रहे हैं, तो चेक बाउंस हो जाता है।
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ओवरराइटिंग करें :
अगर आपने चेक में किसी का नाम लिखा और उसे काट कर दूसरे का नाम लिख दिया। या फिर तारीख में अथवा धनराशि भी ऐसे ही बदलाव किए तो बैंक इस चेक को रिजेक्ट कर देगा। इस किस्म के ओवरराइटिंग या काटने और लिखने के काम किए तो भी बैंक चेक रिजेक्ट कर देगा।
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