नर्सिंग में करियर- कोर्स- अवधि, प्रक्रिया, सैलरी, अवसर, कहां से करें -पूरी जानकारी Career in Nursing Tips to Succeed

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भारत में जिस तेजी से हैल्थ सेक्टर का विस्तार हो रहा है और नए-नए हॉस्पिटल खुल रहे हैं, ऐसे में नर्सिंग स्टाफ की मांग सबसे ज्यादा बढ़ी है। अगर आपमें सेवाभावना है और आप करियर के साथ लोगों की मदद भी करना चाहते हैं, तो नर्सिंग आपके लिए बेहतर विकल्प है। हेल्थ सेक्टर में नर्सिंग को दूसरा महत्वपूर्ण स्थान दिया जाता है। एक डॉक्टर का संबंध तो मरीज से बहुत ही कम समय के लिए होता है, मगर नर्स का काम तो मरीज को जांचने से उसकी तीमारदारी करने तक होता ही है। जनरल वार्ड से लेकर ऑपरेशन थियेटर तक, सभी में नर्स का अहम रोल होता है। यह एक ऐसा प्रोफेशन है जिसमें मुख्यत: महिलाओं का ही वर्चस्व है। मगर, आजकल पुरुष भी इस प्रोफेशन में प्रवेश कर रहे हैँ और अस्पतालों में पुरुष नर्स भी देखे जा सकते हैं। नर्सिंग वही कर सकता है, जिसमें मानवीयता, सहनशीलता और सेवा करने का जज्बा हो।

हेल्थ सेक्टर में काम करने वाले ज्यादातर लोग नर्सिंग से जुड़े हुए होते हैं। नर्स का काम बहुत ही जिम्मेदारी भरा होता है। नर्स का काम बीमारों की देखभाल करने का होता है। हर जगह नर्स को मरीज का रिकॉर्ड रखना, डॉक्टर को मदद करना और ऑपरेशन में मरीज का और मेडिकल इंस्ट्रुमेंट्स का ध्यान रखना और रोज के बाकी काम करना जैसे मरीज के रिश्तेदारों को मरीज का हालचाल बताना आदि उसके काम हैं। ज्यादातर नर्स जनरल ड्यूटी नर्स का ही काम करती हैं, लेकिन इसके अलावा भी नर्सिंग में कई क्षेत्र हैं, जैसे इंडस्ट्रियल नर्स, साइकिएट्रिक नर्स, मिलिट्री नर्सिंग, पीडियाट्रिक नर्सिंग और मिडवाइव्ज आदि। नर्स हेल्थ केयर सिस्टम की रीढ़ होती है। एक नर्स लोगों से बातचीत करती है, उनकी प्रॉब्लम्स को सुनती है, एक टीचर की तरह समझाती है और उनसे सहानुभूति रखती है। वह लोगों की तब मदद करती है जिस समय मरीजों को उनकी सबसे ज्यादा जरूरत होती है।

नर्सिंग में शिक्षा
देश में बहुत सारे संस्थान नर्सिंग में डिप्लोमा, ग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट कोर्सेज के साथ-साथ मिडवाइफरी कोर्सेज उपलब्ध करा रहे हैँ। नर्सिंग में तीन तरह के एजुकेशनल प्रोग्राम होते हैं, बीएससी नर्सिंग, जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी और हेल्थ वर्कर्स। बीएससी इन नर्सिंग का तीन साल का कोर्स होता है, जिसके लिए स्टूडेंट्स को बारहवीं फिजिक्स, कैमिस्ट्री और बॉयोलॉजी के साथ पास करना आवश्यक है। जनरल नर्सिंग या मिडवाइफरी का 2 या 3 साल का सर्टिफिकेट कोर्स बारहवीं के बाद किया जा सकता है। दसवीं के बाद स्टूडेंट्स ऑग्जिलरी नर्स या मिडवाइफरी के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह कोर्स एक साल से 1-1/2 साल का होता है। इन प्रोग्राम्ज में एडमिशन कॉलेज की प्रवेश परीक्षा द्वारा ही होता है। नर्सिंग में महारत हासिल करने के लिए स्टूडेंट्स एमएससी इन नर्सिंग भी कर सकते हैं।

योग्यता
यह एक ऐसा क्षेत्र में जिसमें मानसिक और शारीरिक तौर पर मजबूत होना जरूरी है। नर्स को मरीजों के साथ रहने के कारण कई तरह के इनफेक्शन या अन्य बीमारियों का खतरा रहता है। नर्सिंग को करियर के तौर पर अपनाने वालों को शांत, जिम्मेदार, मेहनती निर्भय और सेवा के लिए तत्पर रहना चाहिए। कई बार अतिरिक्त समय में काम करना भी पड़ता है। नर्सिंग एक जटिल क्षेत्र है, जिसमें उच्चस्तरीय जानकारी बहुत ही आवश्यक होती है, इसलिए नर्सिंग को करियर के रूप में चुनने वालों को इसकी फॉर्मल टे्रनिंग, जिसमें प्रैक्टिकल और थ्योरी दोनों हों, जरूर ले लेनी चाहिए। इन सबके अलावा उनके चेहरे पर स्माइल रहनी चाहिए, जो मरीजों को अच्छा फील करा सके।

सैलरी
सरकारी हॉस्पिटल में- 6500 से 10500 रुपए तक और प्राइवेट हॉस्पिटल में मिडवाइफरी को 4000 रुपए और हेल्थ वर्कर्स को 1000 और 2000 रुपए तक की प्रतिमाह आय हो सकती है।

अवसर
नर्सिंग में आज प्रशिक्षित, कुशल और समर्पित नर्सों की बहुत जरूरत है। ट्रेनिंग के बाद आप किसी भी सरकारी या प्राइवेट हॉस्पिटल नर्सिंग होम, क्लीनिक, अनाथालय, वृद्धाश्रम या किसी भी ऐसे संस्थान के साथ, जो मानसिक या शारीरिक रूप से विकलांग व्यक्तियों के लिए काम करता हैं, मिलिट्री, स्कूल या इंडस्ट्रियल हाउसेज में आसानी से नौकरी पा सकते हैं। पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री होल्डर किसी भी टे्रनिंग संस्थान में पढ़ाने में या फिर रिसर्च वर्क में अपना कैरियर बना सकते हैं।

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