क्या है पेल्विक इंजरी

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पेल्विस को बांधकर और गर्दन पर सर्वाइकल कॉलर लगाकर जान बचाएं

गर्दन को हिलाएं नहीं
गर्दनऔर पेल्विक दोनों क्रिटिकल एरिया हैं। गर्दन को नहीं हिलाएं। गर्दन पर सर्वाइकल कॉलर और पेल्विक पर बाइंडर लगाएं, जिससे अंदर ब्लीडिंग नहीं हो पाएं। पेल्विक बाइंडर उपलब्ध नहीं होने पर इसके चारों तरफ चद्दर बांध दें ताकि पेशेंट की जान बचाई जा सके।

ब्लड लॉस की रिस्क नहीं
पेल्विकइंजरी को बिना चीरफाड़ परकुटेनियस टेक्निक के जरिए सी-आर्म मशीन से देखकर स्क्रू लगाकर पेल्विक को फिट कर देते हैं। इसमें ब्लड लॉस और इंफेक्शन होने की संभावना नहीं है। एक घंटे की सर्जरी के बाद पेशेंट को मोबेलाइज करवाकर डिस्चार्ज कर दिया जाता है।

क्या है पेल्विक इंजरी
डेशबोर्ड और स्टीयरिंग की चोट लगने से पेल्विक इंजरी होती है। यह इंजरी होने पर अंदरूनी हिस्से में ब्लीडिंग होती है जिससे ब्लड लॉस के बारे में मालूम नहीं चल पाता है। इसमें यूरीन की थैली और पेट के अन्य हिस्सों में चोट लग जाती है। इस इंजरी के चलते ३ लीटर तक ब्लड लॉस हो जाता है।

रोड साइड एक्सीडेंट होने पर पैर छोटा-बड़ा हो गया है या फिर पेट और नाभी के नीचे का हिस्सा नीला हो चुका है तो यह सामान्य चोट नहीं होकर पेल्विक फ्रेक्चर और पेल्विक इंजरी है। यह इंजरी होने पर तुरंत ट्रीटमेंट नहीं मिलने से पेशेंट की डेथ हो सकती है। रोड साइड एक्सीडेंट में सिर की इंजरी के बाद पेल्विक फ्रेक्चर और पेल्विक इंजरी डेथ का दूसरा सबसे बड़ा कारण है। लोगों में इसके बारे में अवेयरनैस नहीं होने की वजह से पेशेंट की डेथ हो जाती है। लेकिन मौके पर पेल्विक को बांधकर पेशेंट की जान बचाई जा सकती है।

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