किसी भी मशीन या इंजन के लुब्रिकेशन सिस्टम को यदि स्ट्रॉन्ग कर दिया जाए तो उसका क्या प्रभाव होगा?
इंजन के लुब्रिकेशन सिस्टम को स्ट्रॉन्ग करने से बाइक स्मूद चलती है,राइडिंग बेहतर होती है,एवरेज भी अच्छी होती है और साथ ही मेंटनेंस का खर्चा भी कम आता है और फलस्वरूप इंजन की लाइफ बढ़ती है।
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आज तक आपने जो बाइक चलाई हैं,उनमें महसूस किया होगा कि टॉर्क पॅावर पहले व दूसरे गियर में मिलता है। इसका मतलब आप अपनी बाइक के इंजन को भी डेमेज करते हैं व पेट्रोल की भी वेस्टेज करते हैं। आपने जैसे ही बाइक स्टार्ट की, इंजन के सभी पार्ट्स ने अपना फंक्शन शुरू कर दिया, लेकिन जैसे ही फस्र्ट गियर लगाया,तो अचानक बड़ी स्पीड से टॅार्क लगा,इसका मतलब इंजन के सभी पाटर््स ने तेजी से वर्किंग चालू की।
स्पीड से वर्किंग चालू करने का मतलब, इंजन के सभी पाटर््स पर ऑयल की लैपिंग नहीं हो पाती। फलस्वरूप मैटल टू मैटल डायरेक्ट कॉन्टेक्ट हो जाता है और पार्ट स्पीड से घिसना चालू हो जाता है। तो आपने महसूस भी किया होगा कि आपने आज तक जो भी बाइक चलाई हैं, उसमें आज जो  राइडिंग मिल रही है वह तीन माह बाद नहीं मिलती और जो राइडिंग तीन माह में मिलती है वह छह माह बाद नहीं मिलती और बाइक एक साल में ही बिखर जाती है और इंजन तीस से पैंतीस हजार किमी. मे काम मांगना शुरू कर देता है। उसका प्रमुख कारण फस्र्ट व सैंकेंड गियर में टॉर्क अधिक होना है। आधुनिक समय में एडवांस्ड  तकनीक आ गई है। और अधिक टार्क  को थर्ड,फोर्थ व फिफ्थ गियर में डायवर्ट कर दिया गया क्योंंकि ९० प्रतिशत बाइक्स सिटी में इन्ही गियर में चलाई जाती हंै और वास्तव में रिक्वायरमेंट भी इन्हीं गियर्स में है। फस्र्ट व सैकेण्ड गियर में गाड़ी को वार्म अप किया जाता है। इंजन गर्म किया जाता है,ऑयल को गर्म किया जाता है और ऑयल गर्म होकर,पतला होकर चारों ओर फैल जाता है। चारों तरफ फैलने का मतलब जब हमें थर्ड गियर मे अधिक टॉर्क मिलेगा तब तक हर पार्ट पर अच्छे से लैपिंंग हो जाती है।
लैपिंग का अर्थ मैटल टू मैटल कॉन्टैक्ट नहीं होगा, ऑयल टू ऑयल कॉन्टैक्ट होगा। और हम ऑयल को हर दो- अढाई माह में चेंज कर लेते हैं। तो वापिस से अच्छी स्ट्रेंथ  मेंटेन हो जाती है। मैटल टू मैटल कांटैक्ट नहीं होगा तो पार्ट घिसेगा नहीं और पार्ट घिसेगा नहीं, तो मेंटनेंस लम्बे समय के बाद तक आएगा और मेंटनेंस लम्बे समय के बाद आने से इंजन की लाइफ बहुत ज्यादा मिलेगी। इसका अर्थ है कि अगर लुब्रिकेशन सिस्टम स्ट्रॉन्ग हो गया तो स्मूदनेस बढिया होगी,राइडिंग में बहुत मजा आएगा,मेंटनेस लम्बे समय बाद आएगा और इंजन की लाइफ बहुत ज्यादा मिलेगी।

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