ऑर्थराइटि‌स-घुटने के दर्द से राहत….कैसे ?

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पेशेंट का फैट ऑर्थराइटि‌स से होने वाले घुटने के दर्द से दिलाएगा राहत

ये थैरेपी लेने के बाद पेशेंट तुरंत चलना शुरू कर देता है और उसे उकड़ू बैठने के लिए कोई मनाही नहीं है।

आॅर्थराइटिसहोने पर स्ट्रोमल वैस्क्यूलर फ्रैक्शन थैरेपी नी रिप्लेसमेंट से बचाएगी। इस थैरेपी में पेशेंट्स की टमी से लोकल एनेस्थेसिया में बारीक से छेद से २००-३०० मिलीलीटर फैट सक्शन करके निकाला जाता है।’
आॅपरेशन थिएटर में उस फैट को प्रोसेस करके एसवीएफ़ फ़्रैक्शन अलग करने के बाद घुटने में या अन्य जोड़ में इंजेक्ट किया जाता है। फ्रैक्शन में पाए जाने वाले सैल्स आर्थराइटिस के दर्द को कम करके कार्टिलेज का रीजनरेशन करते हैं। थैरेपी में एसवीएफ को जॉइंट के अलावा ब्लड में भी इंजेक्ट किया जाता है। यूएस- एफडीए से मान्यता प्राप्त इस थैरेपी की सिंगल डोज का असर कुछ सप्ताह में आना शुरू हो जाता है।

यह थैरेपी लेने के बाद ८५ परसेंट पेशेंट्स को भविष्य में जॉइंट्स रिप्लेसमेंट की जरूरत नहीं होती। पेशेंट में डिफोर्मिटी ज्यादा होने पर उन्हें इस थैरेपी के लिए चयनित नहीं किया जाता है। थैरेपी के बाद पेशेंट को हॉस्पिटल में एडमिट होने की जरूरत नहीं होती है। वह तुरंत खड़ा होकर चलना शुरू कर देता है। यह थैरेपी उन पेशेंट्स के लिए फायदेमंद है, जिनमें नी रिप्लेसमेंट नहीं हो पाता है या वो यह ऑपरेशन अवॉइड करना चाहते हैं।

टीनएजर्स के लिए नहीं थैरेपी

गाउट,इन्फ़ेक्शन, एचआईवी वाले मरीज़ या टीनएजर्स, गर्भवती या प्रसूताओं अथवा कैंसर पेशेंट्स को यह थैरेपी नहीं दी जाती है। एस वी एफ थैरेपी ही एकमात्र ऐसी थैरेपी है जो जोड़ के अंदर इंजेक्शन के अलावा इंटरावीनस इंजेक्शन भी दिया जाता है और ये एडवांस ऑर्थराइटि‌स में भी कारगर है। ये थैरेपी अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप में बहुत पॉपुलर हो रही है। इसका सबसे बड़ा फ़ायदा है कि मरीज़ों को उकड़ू बैठने, ज़मीन पर बैठने, नमाज़ पढ़ने में कोई मनाही नहीं होती है जैसे कि जॉइंट्स रिप्लेसमेंट के बाद ये सब पोज़ीशन की मना की जाती है।
रिएक्शनका डर नहीं

ऑस्ट्रेलिया में एक स्टडी में पाया गया कि ये थैरेपी लेने पर ८० प्रतिशत पेशेंट‌्स के चलने-फिरने में सुधार हुआ है। इस थैरेपी में कोई एंजाइम केमिकल और एिनमल प्रॉडक्ट का यूज नहीं होता है। साइड इफैक्ट‌्स नहीं होते हैं। पेशेंट‌्स के टिश्यूज इंजेक्ट किए जाने से रिएक्शन नहीं होता है।

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