आरती श्री साईं बाबा जी की

0

 

आरती श्री साईं गुरुवर की,

परमानन्द सदा सुरवर की॥

जाकी कृपा विपुल सुखकारी।

दुखकारी। दु:ख शोक, संकट, भयहारी॥

शिरडी में अवतार रचाया।

चमत्कार से जग हर्षाया॥

कितने भक्त शरण में आये।

सब सुखशंति चिरंतन पाये।

भाव धरे जो मन में जैसा।

पावत अनुभव वो ही वैसा॥

गुरु की उदी लगावे तन को।

समाधान लाभत उस मन को॥

साईं नाम सदा जो गावे।

सो फल जग में शाश्वत पावे॥

गुरवासर करि पूजा सेवा।

उस पर कृपा करत गुरदेवा॥

राम, कृष्ण, हनुमान, रूप में।

जानत जो श्रद्धा धर मन में॥

विविध धर्म के सेवक आते।

दर्शन कर इच्छित फल पाते॥

साईं बाबा की जय बोलो।

अन्तर मन में आनन्द घोलो॥

साईं दास आरती गावे।

बसि घर में सुख मंगल पावे॥

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here