आँखों की देखभाल कैसे करे || Eye Care Tips in Hindi

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सर्दियों में रहें ड्राई आई से सावधान

सर्दी का मौसम फैशन और फूड के लिए अच्छा माना जाता है, लेकिन कुछ ऐसी समस्याएं हैं जो इस मौसम में परेशान कर सकती हैं। आंखों में सूखेपन यानी ड्राई आई ऐसी ही एक समस्या है। ड्राई आई का मतलब वैसी आंख से है जब आंख में स्थित अंासू ग्रंथियां पर्याप्त आंसू का निर्माण नहीं कर पाती। यह समस्या सर्दी के मौसम में ज्यादा होती है। यह बीमारी कनेक्टिव टिश्यू के डिसआॅर्डर के कारण होती है। समस्या गंभीर होने की स्थिति में आंख की सतह को नुकसान पहुंच सकती है जिसके परिणामस्वरूप अंधेपन की समस्या भी हो सकती है। इस समस्या से ग्रसित व्यक्ति में कई तरह के लक्षण दिखाई पड़ते हैं।

लक्षण: आंखों में सूखेपन जैसा महसूस होना, आंखों में खुजली जलन का एहसास, हर वक्त आंखों को मलते रहना, ऐसा महसूस होना कि जैसे आंखों में कंकड़ घुस गया हो, आंखों से बिना कारण पानी का निकलते रहना, आंखों में थकान महसूस होना या सूजन के फलस्वरूप सिकुड़ कर छोटा हो जाना।
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कारण:
मौसम के अलावा आंखों के ड्राई होने के और भी कई कारण हो सकते हैं। विटामिन सी की कमी के कारण, महिलाओं में मेनोपॉज के बाद, कुछ दवाओं से एलर्जी और रिएक्शन के कारण, थायरॉइड जैसी समस्या होने पर, लंबे समय तक बिना पलक झपकाए कंप्यूटर पर काम करते रहने से, अधिक देर तक टीवी देखने से या लगातार ज्यादा प्रदूषण में रहने से यह समस्या होती है।
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समाधान:
ड्राईआई के उपचार के तौर पर अभी तक केवल आंखों में चिकनाई पैदा करने वाला ड्रॉप बना है। लेकिन इस दिशा में और भी कुछ विकल्प सामने आए हैं। साइक्लोस्पोरिन ड्रॉप, जो रोगी के इम्यून सिस्टम के साथ काम करता है। रोगियों में कनेक्टिव-टिश्यू डिसआॅर्डर होने पर उनको वायरायड पैबौलॉजी करनी चाहिए। यह ४०-५० प्रतिशत मामलों में मददगार हो रहा है। यह आंखों में चिकनाई लाने वाली आई ड्राॅप्स की आवश्यकता को कम करता है। दूसरा विकल्प पंकटल प्लग का है। यह काफी छोटी प्लग होती है, जो आंसू के स्त्राव को बंद कर देती है। यह मुलायम सिमीकन की बनी होती है तथा इसे आसानी से लगाया जा सकता है। यह आंसुओं को रोकने में मदद करती है जिससे की आंखों में नमी बरकरार रहे।
इसके अलावा इस समस्या से ग्रसित लोगों को निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए–

-आंखों को डायरेक्ट हवा के संपर्क में आने दें। इससे बचने के लिए चश्मे का इस्तेमाल करें।
-कंप्यूटर पर काम करने के दौरान बीच-बीच में पलक झपकाना नहीं भूलेें।
-हेयर ड्रायर, कार हीटर, एसी ब्लोअर और पंखे से आंख को दूर रखें।
-सर्दी के मौसम में कमरे को गर्म रखने वाले उपकरणों से आंखों को बचाएं।
-आंखों में जलन या खुजली महसूस होने पर इसे रगड़ने की बजाय आंखों पर ठंडे पानी से छींटे मारें।

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